हिमाचल प्रदेश में 18 दिन बाद सोमवार से लगातार 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया जाएगा। 19 जुलाई से प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा सूबे के 700 सेंटरों पर 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए कोविड वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू करेगा। अभी तक टीके की अनुपलब्धता के चलते 18 से 44 साल आयु वालों के लिए टीकाकरण बंद था। अब केंद्र से वैक्सीन मिलने के बाद टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। 18 से अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए सभी कार्यदिवसों पर रोज एक सत्र तय किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों में पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लोगों को टीका लगाया जाएगा। जनजातीय/दुर्गम क्षेत्रों को छोड़कर सभी सत्र कोविन वेबसाइट पर ऑनलाइन तय होंगे। मौके पर स्लॉट का निर्धारण संबंधित जिले पहले के अनुभव के आधार पर कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में अब सत्र बनाने के दौरान 50 फीसदी स्लॉट उपलब्ध करवाने होंगे। प्रति दिन 75 हजार लोगों को टीका लगाया जाएगा।
प्रवक्ता ने शनिवार को बताया कि इंसाकॉग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार कोरोना का नया रूप डेल्टा, भारत के विभिन्न हिस्सों में कोविड -19 के मामलों में पाया गया एक प्रमुख वेरिएंट है जो विश्वभर में तेजी से फैल रहा है। नए आंकड़ों के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए लगाई जा रही वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट पर भी प्रभावी है। जन स्वास्थ्य इंग्लैंड की ओर से वैक्सीन के प्रभाव को लेकर जारी रिपोर्ट के अनुसार कोविशील्ड की दो खुराक 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में कोविड-19 से होने वाली मृत्यु के खिलाफ 94 प्रतिशत सुरक्षा प्रदान करती है।
पिछले 16 दिन में आईजीएमसी पहुंचे सबसे ज्यादा मरीज
प्रवक्ता ने बताया कि एक से 16 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में दाखिल कोरोना रोगियों के संबंध में किए विश्लेषण के अनुसार पिछले 16 दिनों में आईजीएमसी शिमला में अधिक 20 मरीज दाखिल हुए हैं। डॉ. वाईएस परमार राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय नाहन में 11 जुलाई तक 43 कोविड रोगियों को भर्ती किया गया था और तब से 16 जुलाई तक कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ।