नई कंपनी के कर्मचारी ही फील्ड में जाकर मीटर रीडिंग ले रहे हैं और बिल जारी कर रहे हैं। नगर निगम सदन में भी गलत बिल जारी करने पर हंगामा हो चुका है। इसके बाद कंपनी ने दावा किया था कि पानी बिल गलत जारी न हो, इसके लिए नई व्यवस्था शुरू की है। मीटर रीडर अब बिल जारी करने से पहले उपभोक्ता के मीटर की फोटो भी लेंगे ताकि गलत बिल की शिकायत मिलने पर इसकी जांच की जा सके। लेकिन इसके बावजूद शहर में भारी भरकम बिल जारी करने का सिलसिला नहीं थम रहा। कंपनी के महाप्रबंधक राजेश कश्यप ने कहा कि ऐसे बिलों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
सेवानिवृत्त प्रिंसिपल को 5 लाख का बिल
समरहिल के आंदड़ी निवासी एवं सेवानिवृत्त प्रिंसिपल कर्मचंद शर्मा को कंपनी ने दो दिन पहले 5.39 लाख रुपये का बिल जारी किया है। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल कर्मचंद ने बताया कि हर माह 500 से 1000 रुपये के बीच बिल आता है। इसका समय पर भुगतान करते हैं। लेकिन इस बार अचानक कंपनी ने लाखों का बिल दे दिया है।
कनलोग निवासी को चार लाख का बिल
कनलोग के एक भवन मालिक को भी कंपनी ने कुछ दिन पहले चार लाख रुपये का बिल जारी किया था। भवन मालिक ने इसकी शिकायत वार्ड पार्षद आलोक पठानिया को दी। पठानिया ने कंपनी से जब इस बिल की जांच करवाई तो यह गलत निकला। बाद में कंपनी ने 145 रुपये का नया बिल उपभोक्ता को दिया।