हिमाचल साठ हजार लोगों को प्लॉट और फ्लैट देने का इंतजार लंबा खिंच गया है। फ्लैट और प्लॉट के लिए हिमुडा की टीम धर्मशाला में जमीन की नेगोसिएशन करने गई थी, लेकिन यह जमीन फाइनल नहीं हो पाई। हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर में भी जमीन खरीदने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। जुब्बड़हट्टी स्थित जाठिया देवी में कॉलोनियां बनाने का मामला एयरपोर्ट अथॉरिटी से एनओसी न मिलने से अधर में लटक गया है।
इधर, शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने जमीन का स्टेटस जानने को हिमुडा अधिकारियों की बैठक बुलाई है। हिमुडा से मिली जानकारी के मुताबिक धर्मशाला में हिमुडा ने ढाई सौ बीघा जमीन देखी थी। यह जमीन 90 लोगों की बताई जा रही है। हिमुडा इन लोगों को एकत्र नहीं कर पा रहा है। दो बार टीम ने मौके का मुआयना कर लिया है लेकिन दोनों बार निराशा हाथ लगी।
पैसे वापस ले रहे लोग
लोगों का हिमुडा से विश्वास उठाना शुरू हो गया है। हिमुडा कार्यालय में 72 हजार लोगों ने प्लॉट और फ्लैट के लिए सिक्योरिटी जमा कराई थी। अब करीब 10 हजार लोगों ने हिमुडा से सिक्योरिटी वापस ले ली है। हिमुडा ने लोगों को प्लॉट और फ्लैट देने का सपना दिखाया था। करीब साढ़े तीन साल पहले हिमुडा ने प्लॉट और फ्लैट के लिए लोगों से आवेदन मांगे।
एक महीने में हिमुडा कार्यालय ने पांच-पांच हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा करवाई आज तक लोगों को प्लॉट और फ्लॅट नहीं मिले हैं। शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि हिमाचल में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर हिमुडा अधिकारियों के साथ बैठक तय हुई है। इसमें जमीन के स्टेटस के बारे में चर्चा होगी। हिमुडा की टीम लगातार प्रदेश में जमीन देख रही है। कई जगह जमीन फाइनल भी की गई है।