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स्कूल फीस नियंत्रित करने के लिए एक्ट बनाए सरकार

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अभिभावक संघ शिमला ने उठाई मांग; बोले, शहर के निजी स्कूल कर रहे हैं मनमानी
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। निजी स्कूलों के मनमाने ढंग से फीस और अन्य शुल्क वसूली से परेशान अभिभावकों ने पंजाब सरकार की तर्ज पर निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
अभिभावक संघ शिमला ने सरकार से इसके लिए नीति बनाकर आदेश जारी करने की मांग की। संघ के पदाधिकारियों प्रो. सीएल शर्मा, सचिव हमिंदर धौटा, संयोजक डॉ. संजय, मुख्य संरक्षक कुलदीप सिंह सड्याल, पवन मेहता, जितेंद्र यादव, कुसुम शर्मा, रीता चौहान, प्रतिभा, सुरेश वर्मा, ज्ञान चंद और प्रियंका तंवर ने कहा कि संघ की फीस नियामक बिल को पास कर इसे एक्ट बनाकर लागू करने की मांग को सरकार ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अभिभावकों को पिछले कई सत्र से यह कानून पास होने की उम्मीद थी लेकिन सरकार खामोश है। कहा कि नया सत्र शुरू हो चुका है। अप्रैल में ली जाने वाली फीस को नियंत्रित करने और निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए प्रदेश सरकार भी पंजाब सरकार की तरह ठोस कदम उठाए और आदेश जारी करे।
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निजी स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशाें की अनदेखी कर मनमर्जी से फीस तय कर रहे हैं। आदेशानुसार फीस तय करने को पीटीए की आम सभा एक भी स्कूल ने अब तक नहीं बुलाई है। कहा कि इससे जाहिर है कि स्कूल अब फिर अभिभावकों पर मनमानी फीस का फैसला थोपने वाले हैं। अभिभावकों ने कहा कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली सरकार ने अभिभावकों को राहत देने के लिए कारगर पहल की थी। प्रदेश में अभिभावकों को सरकार की ओर से ऐसी कोई राहत अब तक नहीं दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस मामले में रुचि लेकर अभिभावकों राहत देने के लिए पंजाब की तर्ज पर फीस नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की मांग की है।
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