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Shimla News: शादी ब्याह के लिए आभूषण खरीद रहे लोग, शौकिया खरीदार हुए कम

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आयात शुल्क बढ़ने के बाद शहर के सराफा काराबोर पर असर, लंबी अवधि की बुकिंग से भी बच रहे हैं कारोबारी
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पहले की अपेक्षा कम हुआ हुआ है सराफा कारोबार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सोने पर आयात शुल्क छह से 15 फीसदी किए जाने से दाम बढ़कर प्रति दस ग्राम 1.67 लाख रुपये हो गए हैं। प्रधानमंत्री ने एक साल तक सोने के आभूषण न खरीदने की अपील थी जिससे सराफा बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
राजधानी शिमला के बाजारों में हालांकि सोने की खरीदारी जारी है लेकिन पहले की अपेक्षा काफी कम है। शौकिया खरीदार कम हुए हैं। लोगों का मानना है कि सोने के दाम और बढ़ सकते हैं, इसलिए सोने की खरीद कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश में शादी ब्याह में सोने के आभूषण देना शुभ माना जाता है ऐसे में भी लोग आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। दाम बढ़ने की संभावनाओं को देख ग्राहक सोने की बुकिंग करने वाली स्कीमों का लाभ लेने के लिए भी आगे आने लगे हैं लेकिन कारोबारी बुकिंग की स्कीमों में भी अधिक अवधि देने से घबराने लगे हैं। सोने के आभूषणों की शौकिया खरीदारी काफी कम हो गई है।
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महाशय ज्यूलर्स के मालिक विप्लव महाशय ने कहा कि सोने के दाम और बढ़ने के डर से ग्राहक शादी ब्याह के लिए आवश्यक खरीददारी के लिए आ रहे हैं। लोगों की सोच है अभी गहने खरीद लो बाद में पता नहीं और रेट और न बढ़ जाए। सोने का रेट दिसंबर और जनवरी तक रेट दो लाख रुपये प्रति दस ग्राम तक जा सकता है। सोना पहले ही आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गया है, अब आयात शुल्क लगने से कारोबार कम होने लगा है। कारोबारियों ने बढ़ते रेट का विकल्प लाइट वेट ज्वेलरी को दिया। ग्राहकों की स्कीमों को चलाया।ग्राहकों को नया सोना न खरीद कर पुराने सोने से नए डिजाइन के गहने बनाने का रास्ता भी सुझाया है।




पीएम की अपील से कारोबारी विचलित : टांगरी
हिमाचल प्रदेश ज्वेलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल टांगरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील से सराफा कारोबारी विचलित हुए हैं। 15 फीसदी आयात शुल्क होने से सोने के दाम दस फीसदी बढ़कर 1.67 लाख प्रति तोला पहुंच गए हैं। सोने के दाम आने वाले दिनों में और बढ़ना तय है। इससे कारोबार प्रभावित होना ही है।




ग्राहक रेट बढ़ने से शौकिया ग्राहक घटे : अविनाश
टांगरी ज्वेलर्स के मालिक अविनाश टांगरी ने कहा कि ग्राहक सोने के दाम बढ़ने के डर से जरूरी खरीददारी करने को ही आ रहे हैं। सोने के आभूषण के शौकीन ग्राहक नहीं आ रहे हैं। ऐसे ग्राहक सिर्फ अपने पास पड़े सोने के नए डिजाइन के आभूषण बनवाने के लिए आ रहे हैं। भारतीय ग्राहक सोने में पैसा इनवेस्ट करना सबसे सुरक्षित मानता है, लेकिन रेट इतने अधिक हो गए हैं और आने वाले समय में संकट आने की संभावनाओं को देखकर सोने में पैसा निवेशन करने से डर रहा है।



जरूरी ख्ररीदारी को ही आ रहे ग्राहक : पवन
ज्वेलर्स पवन आनंत ने कहा कि सोने के दाम बढ़ने और पीएम की सोना न खरीदने की अपील का असर दिख रहा है। बहुत जरूरी खरीददारी को ही ग्राहक दुकान में आ रहे हैं। रोजमर्रा की रूटीन खरीदारी वाला ग्राहक ही आ रहा है। अब एडवांस बुकिंग को लंबी अवधि तक चलाना जोखिमपूर्ण लग रहा है। कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव नजर आ रहा है।

एक तोला सोना तक नहीं खरीद पा रहे : किशन
छोटा शिमला निवासी किशन ने कहा कि सोने के दाम बढ़ने से शादियों के लिए आम आदमी एक तोले के आभूषण तक नहीं खरीद पा रहे हैं। सरकार आम आदमी को इससे पेश आ रही दिक्कतों को ध्यान में रखकर किसी तरह सोने के बढ़ते दाम को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाएं।



जो सोचा वह नहीं खरीद पा रहे : निकिता
स्थानीय निवासी नितिका चौहान ने कहा कि हम सोने के गहने खरीदने आए थे। दो दिन में जैसे सोने के दाम बढ़े उससे जो सोच कर आए थे वह गहने नहीं खरीद पा रहे। अब सिर्फ जरूरी सामान ले रहे हैं। यही चलता रहा तो आने वाले समय में आम आदमी सोने के आभूषण खरीदने की सोच भी नहीं पाएंगे। महिलाओं को अपने शौक को मारना पड़ रहा है।
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रेट बढ़ने से कम की ख्ररीदारी : सुरेश
खरीदारी करने आए सुरेश पूरटा ने कहा कि सोना अब शौक पूरा करने को नहीं खरीद रहे हैं। सिर्फ शादी ब्याह के लिए शॉपिंग करने आए थे। यहां रेट बढ़ गया तो अब सिर्फ बहुत जरूरी गहने ही ले पा रहे हैं। यह एक बड़ी समस्या हर आम आदमी के सामने खड़ी हो गई है। सोना पहुंच से बाहर हो गया है।
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