शिमला जिले में इस साल मटर के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हुई है। राजधानी की ढली सब्जी मंडी में तीन वर्षों के मुकाबले इस साल अभी तक 46 फीसदी मटर की फसल ढली मंडी में पहुंच चुकी है। बीते साल ढली सब्जी मंडी में 1,74,710 क्विंटल मटर की फसल पहुंची थी। इस वर्ष अप्रैल से 29 मई तक दो माह में ही 80,534 क्विंटल मटर की फसल पहुंच चुकी है। मटर के दाम भी अच्छे मिल रहे हैं।
लोअर किन्नौर से नई फसल पहुंचना शुरू
ढली सब्जी मंडी में रविवार को मटर 150 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिका। बीते साल मटर को अधिकतम 110 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिले थे। अगस्त सितंबर में आने वाली मटर को 150 रुपये प्रतिकिलो तक दाम मिले थे। ढली मंडी में करसोग, रोहड़ू, ठियोग, रामपुर, टुटू, मशोबरा सहित अन्य क्षेत्रों से मटर की फसल पहुंचती है। मटर बंगलुरु, पुणे, मुंबई, अहमदाबाद और दिल्ली भेजा जा रहा है। लोअर किन्नौर से मटर की नई फसल पहुंचना भी शुरू हो गई है।
एपीएमसी शिमला किन्नौर के चेयरमैन देवानंद वर्मा ने बताया कि इस साल मटर की बंपर पैदावार हुई है। इसके साथ किसानों को दाम भी अच्छे मिल रहे हैं। एपीएमसी के आंकड़ों के अनुसार इस साल दो माह में ही 46 फीसदी मटर की फसल पहुंच चुकी है।
बीते तीन सालों में मटर का कारोबार
| साल |
मटर |
| 2021-22 |
1,73,668 |
| 2022-23 |
1,02,523 |
| 2023-24 |
1,74,710 |
| 2024-25 |
80,534 |
(नोट- साल 2024-25 के आंकड़ें कि्वंटल मंें है अप्रैल और मई माह के)