प्रदेश निजी शिक्षा नियामक आयोग का चेयरमैन बनने की दौड़ से अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान बाहर हो सकते हैं। आयोग के चेयरमैन का इसी हफ्ते चयन होना है। चयन करने वाली तीन सदस्यीय कमेटी के एसीएस शिक्षा पीसी धीमान खुद सदस्य भी हैं। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद नई ताजपोशी में धीमान गच्चा खा सकते हैं।
इसको लेकर राज्य सचिवालय में इन दिनों खूब चर्चाएं हो रही हैं। बताया जा रहा है आयोग के चेयरमैन पद के लिए आवेदन करने वाले कुछ लोग इस मामले की मुख्यमंत्री से शिकायत करने की तैयारी में भी हैं। शिक्षा नियामक आयोग की चेयरमैन सरोजनी ठाकुर 31 मई को सेवानिवृत्त होंगी। ऐसे में एक जून को चेयरमैन पद पर तैनाती की तैयारी है। चेयरमैन पद के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव
शिक्षा पीसी धीमान के अलावा निदेशक उच्च शिक्षा दिनकर बुराथोकी, आरकेएमवी की प्रिंसिपल और मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव की पत्नी मीरा वालिया, वर्तमान में आयोग के सदस्य सुनील शर्मा, एडीजीपी सीआईडी बीएनएस नेगी, पूर्व आईएफएस अधिकारी आरके गुप्ता, पूर्व आईएएस अधिकारी अजय भंडारी सहित करीब 15 लोगों ने आवेदन किया है। करीब 15 ही लोगों ने आयोग के सदस्य के पद के लिए भी आवेदन किया है।
उधर, निजी शिक्षा नियामक आयोग के एक्ट के मुताबिक मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा और अतिरिक्त मुख्य सचिव तकनीकी शिक्षा को आयोग के चेयरमैन का चयन करने का जिम्मा सौंपा गया है। ऐसे में खुद आवेदक पीसी धीमान कैसे चयन करेंगे? इसको लेकर बहस छिड़ गई है।
चयन कमेटी भी धर्म संकट में पड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक आयोग के चेयरमैन पद के लिए आवेदन करने वाले कुछ हाई प्रोफाइल आवेदक इसे शिकायत का आधार बनाकर सरकार के समक्ष आपत्ति दर्ज करने की तैयारी में हैं। पीसी धीमान जुलाई में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान से जब उनकी दावेदारी को लेकर पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इंकार किया। हालांकि उन्होंने कहा कि इस बारे में संयुक्त सचिव शिक्षा ही बता सकते हैं। जब संयुक्त सचिव शिक्षा पुष्पा चौधरी से पूछा गया तो उन्होंने भी जानकारी देने से इंकार कर दिया।