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Shimla News: एचपीयू के सैकड़ों कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ

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दो साल की नियमित सेवा पूरी होने पर मिलेगा अगला वेतन, सबसे ज्यादा फायदा पुराने कर्मचारियों को मिलेगा
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संशोधित वेतन नियम लागू होने से विसंगतियां होंगी दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) शिमला ने अपने कर्मचारियों के लिए अहम फैसला लेते हुए राज्य सरकार के संशोधित वेतन नियम को लागू कर दिया है। इस निर्णय से विश्वविद्यालय के सैकड़ों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय में कार्यरत करीब 700 से 900 शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारी इस फैसले से लाभान्वित होंगे।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञान सागर नेगी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार 3 जनवरी 2022 या उससे पहले नियुक्त कर्मचारियों को दो साल की नियमित सेवा पूरी करने के बाद उच्च वेतन स्तर यानी अगला पे स्केल मिलेगा। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ेगी और हर महीने मिलने वाले वेतन में इजाफा होगा। इसके साथ ही महंगाई भत्ता, एरियर और भविष्य की पेंशन पर भी इसका असर पड़ेगा। इसमें जिन कर्मचारियों की सैलरी अभी एक स्तर पर रुकी हुई है उन्हें दो साल बाद उसी पे मैट्रिक्स में अगला ऊंचा स्केल दिया जाएगा। इससे कई कर्मचारियों की मासिक आय में हजारों रुपये तक का अंतर आ सकता है।
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राज्य सरकार ने पहली बार सितंबर 2022 में यह व्यवस्था लागू की थी। बाद में 2025 में इसे रोक दिया था जिससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी थी। इस फैसले का लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी नियुक्ति 3 जनवरी 2022 या उससे पहले हुई थी। संविदा कर्मचारियों को भी यह फायदा मिलेगा लेकिन उन्हें नियमित सेवा में आने के बाद दो वर्ष पूरे करने होंगे।
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इन्हें नहीं मिलेगा वित्तीय लाभ
तीन जनवरी 2022 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को संशोधित वेतन नियम का लाभ नहीं मिलेगा। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी को दो साल की नियमित सेवा पूरी होने से पहले यह लाभ दे दिया है तो उसका वेतन दोबारा तय किया जाएगा और अतिरिक्त राशि की वसूली भी हो सकती है। एचपीयू कर्मचारी संगठनों के अनुसार लंबे समय से इस फैसले का इंतजार किया जा रहा था। कर्मचारियों का मानना है कि इससे नई वेतन व्यवस्था के बाद पैदा हुई वेतन विसंगतियों को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।
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