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आईजीएमसी जा रहे हैं तो पढ़ लीजिए ये खबर

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केंद्र से मंजूर हुए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी पीडियाट्रिक सर्जरी ईएनटी, ऑर्थोपीडिक्स बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी ऑनकोलॉजी, नेफरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी जैसे विभागों को शिफ्ट किया जाएगा। कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस विभाग का विस्तारीकरण पहले के ब्लॉक में ही होगा।
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केंद्र की आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना पीएमएसएस के जरिये प्रदेश में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनाने के लिए 150 करोड़ का बजट मंजूर किया है। इसके निर्माण में 120 करोड़ रुपए केंद्र सरकार देगी और 30 करोड़ राज्य सरकार को वहन करने होंगे।

200 बिस्तरों की मिलेगी सुविधा
भवन निर्माण का काम एचएससी कंपनी को दिया गया है। कंपनी ने भवन निर्माण का नक्शा तैयार कर आईजीएमीसी को सौंपा है। इसमें कंपनी ने सुपर स्पेशलिटी ब्लाक में 270 बिस्तर की सुविधा देने की बात कही है। जगह की कमी के कारण कंपनी का यह प्रपोजल सिरे चढ़ता नहीं दिख रहा।
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करीब 200 बिस्तरों की ही सुविधा यहां मिलेगी। आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस. कौशल ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना में 150 करोड़ का बजट मिला है। सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनाने की प्रक्रिया चल रही है।
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इलाज से पहले और बेहाल होते मरीज

आईजीएमसी पहुंचना आफत से कम नहीं है। मरीज और तीमारदार परेशान हैं। सुनने वाला कोई नहीं। गाड़ी में अस्पताल आने वालों को पार्किंग सुविधा के अभाव में परेशानी होती है। इधर, बस से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए कार्ट रोड पर बनने वाले ओवर हेड ब्रिज का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।

ऐसे में मरीजों को जान जोेखिम में डालकर अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। इलाज के लिए यहां आने वाले मरीजों का अस्पताल पहुंचते-पहुंचते हाल- बेहाल हो जाता है। ओवर हेड ब्रिज की साइट इंस्पेक्शन छह माह पहले हो चुकी है। रोजाना प्रदेश भर से मरीज यहां इलाज को आते हैं।

अस्पताल के पास गाड़ी पार्क करने की जगह नहीं मिलती। पुलिस विभाग ने कुछ दिन पहले कार्ट रोड पर सड़क किनारे पीली लाइन लगाकर गाड़ी खड़ी करने की जगह का चयन किया है। जहां पीली लाइन लगाई गई है वह स्थान अस्पताल से दूर है। बस से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए कार्ट रोड पर संजौली कॉलेज के नीचे लोनिवि की ओर से ओवरहेड ब्रिज का निर्माण किया जाना है, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को सुविधा हो सके।

कई महीने गुजर जाने के बाद भी ओवरहेड ब्रिज बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है। संजौली ढली बाईपास से आईजीएमसी जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को जान जोखिम में डाल कर संजौली चौक होते हुए जाना पड़ता है।
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प्रपोजल किया जा रहा फाइनल: अयूब

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अयूब चौधरी का कहना है कि ओवरहेड ब्रिज का प्रपोजल फाइनल किया जा रहा है। प्रपोजल फाइनल होते ही अगली कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे स्टेशन के पास भी बनना है ओवरहेड ब्रिज
लोनिवि की ओर से रेलवे स्टेशन के पास एजी आफिस को जाने वाली सड़क पर भी ओवरहेड ब्रिज बनाया जाना है। ब्रिज का डिजाइन चैक होने के लिए हेड ऑफिस भेजा गया है।
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