अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ते ही अब समस्याएं भी बढ़ने लगी है। पर्ची काउंटर पर जगह कम होने से मरीजों को खड़े होने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में पर्ची काउंटर के पास ही बेंच लगा दिए हैं।
बेंचों के भर जाने और काउंटर पर लंबी कतारें लगने के कारण मरीजों को दिक्कतें होती हैं। वहीं आवाजाही करने वाले अन्य मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को होती है, क्योंकि पहला काउंटर बुजुर्गों और अक्षम लोगों के लिए ही बनाया है। इसके आगे पुरुषों और महिलाओं के लिए काउंटर बना है। पहले काउंटर पर भीड़ लगने के कारण अन्य काउंटरों पर जाने वाले मरीजों को निकलने के लिए बुजुर्गों को हटाना पड़ता है। गौरतलब है कि चमियाना अस्पताल में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, सीटीवीएस और यूरोलॉजी विभाग हैं। ऐसे में रोजाना प्रदेशभर से मरीज उपचार के लिए आते हैं। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी 1200 के पार जा रही है लेकिन जब मरीज पर्ची काउंटर पर पहुंचता है, तो उसे भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पहले जब ओपीडी कम होती थी तब पर्ची काउंटर के आगे जगह पर्याप्त थी लेकिन अब मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ने से अब यह जगह कम पड़ने लगी है।
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मंडी से जांच करवाने आईं संतोष ने बताया कि पर्ची काउंटर के आगे रखे बेंचों के कारण जगह कम हो गई है, जिससे मरीज परेशान हो रहे हैं। अन्य काउंटरों पर जाने के लिए बुजुर्गों को बीच से हटाना पड़ता है। वहीं नेकराम त्रिपाठी ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लाइन में लगना किसी चुनौती से कम नहीं है। अस्पताल प्रबंधन से आग्रह है कि बेंचों को किसी अन्य जगह शिफ्ट किया जाए।
कोट अस्पताल में पर्ची काउंटर के पास लगे बेंच मरीजों की सुविधा के लिए लगाए हैं। इनमें से कुछ बेंचों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा ताकि मरीजों को पर्ची बनवाने में कोई दिक्कत न आए। मरीजों से भी आग्रह है कि वे टोकन नंबर के मुताबिक ही पर्ची काउंटर पर जाएं और अन्य बेंचों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करें ताकि भीड़ न लगे।
-डॉ. सुधीर शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना