सैंज (कुल्लू)। वेतन की एवज में कंपनी द्वारा दिए चेक बाउंस होने से पार्वती जल विद्युत परियोजना-2 में काम कर रहे 160 मजदूरों में हाहाकार मच गया है।
चेक बाउंस होने से मजदूरों का ग्यारह माह का वेतन और तीन वर्ष के ईपीएफ की राशि लटक गई है। मजदूर संगठन सीटू ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
सीटू की राज्य इकाई के उपप्रधान प्रेम गौतम और जिला इकाई के सह सचिव नेसर सिंह ने कहा कि परियोजना के निर्माण में लगी कंपनी ने मजदूरों से धोखा किया है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के चरण-2 का निर्माण कर रही मुख्य कंपनी ने जिस कंपनी को यह काम सबलेट किया है, उस कंपनी के पास न तो मजदूरों के ईपीएफ का कोई रिकार्ड है और न ही कंपनी वेतन का भुगतान कर रही है। सैंज में हुई सीटू की बैठक में सभी मजदूरों ने वेतन का भुगतान जल्द न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
160 मजदूरों को ग्यारह माह का वेतन नहीं मिला है। तीन वर्ष के वेतन से काटी गई ईपीएफ की राशि का कंपनी के पास कोई लेखा-जोखा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने वेतन की एवज में जो चेक दिए थे वे बाउंस हो गए हैं। मजदूरों को वेतन न मिलने से परियोजना क्षेत्र में माहौल खासा तनावपूर्ण हो गया है।
प्रेम गौतम और नेसर सिंह ने कहा कि इस संबंध में कई बार परियोजना प्रबंधन, श्रम अधिकारी और ईपीएफ प्रवर्तन अधिकारी कुल्लू से लिखित शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सीटू की राज्य कमेटी के सदस्य शेर नेगी, विनय चौहान, कोस्टल वर्कर्स यूनियन सीटू के प्रधान यान सिंह, सचिव संगत राम, उप प्रधान भगत राम, रवि चौहान, कोषाध्यक्ष नंत राम, धर्मपाल, भूप सिंह और रणजीत ने कहा कि अगर 25 अगस्त तक इस मामले का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
उधर, एनएचपीसी-2 के महाप्रबंधक एके सिंह ने कहा कि मामले को लेकर कंपनी से जवाब तलब किया गया है। उधर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी विवेक नाइक ने बताया कि सीटू के माध्यम से उन्हें शिकायत पत्र मिला है। इस संबंध में उन्होंने प्रोजेक्ट प्रबंधन से जवाब मांगा है।