कांगड़ा जिला के महाकाल मंदिर में भादो माह के पहले शनिवार को श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने महाकाल मंदिर में शीश नवाया।
काले तिल, तेल, काले माह और काले रंग की वस्तुएं अर्पित कीं। शनि शीला और शनिदेव मंदिर में शीश नवाने के लिए भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ा। दिन भर लंबी कतारें लगी रहीं। लोग सुबह से ही मंदिर पहुंचना शुरू हो गए थे।
मंदिर के समीप सामुदायिक भवन में भंडारे का भी आयोजन किया। सैकड़ों भक्तों ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम ऋगवेद ठाकुर, सचिव तहसीलदार, एटीओ सुरेश, सुरिंद्र प्रबंधों के लिए मंदिर में समय-समय पर उपस्थित रहे।
न्यास के ट्रस्टी कुलविंद्र राणा, बिलायती राणा, नरेश शर्मा, होशियार सिंह मेहता, प्रीतम कटोच, रमेश शर्मा, रमेश उपाध्याय, रविंद्र, पूर्ण चंद बख्शी, तिलक डोगरा, कुशल, अनंत राम, नरेंद्र आदि ने मंदिर कार्यों में सहयोग किया। इस मर्तबा भादों माह में चार शनिवारों को मेलों का आयोजन होगा।
महाकाल मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है लेकिन मंदिर में काले तिल, तेल और काले माह चढ़ाने का सिलसिला स्वर्गीय स्वामी रामानंद ने 1982 में शुरू करवाया। धीरे-धीरे इस पर श्रद्धालुओं का विश्वास बढ़ता गया। मंदिर पुजारी राम कुमार के अनुसार 80 के दशक से पूर्व समीपवर्ती गांव की महिलाएं काले माह की थैलियां मंदिर में भेंट करती थीं।