टूरिस्ट सीजन के दौरान शहर की पार्किंगों में सैलानियों को जमकर लूटा जा रहा है। दो घंटे के लिए गाड़ी पार्क करने के एवज में 200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। हालांकि नगर निगम की ओर से दो घंटे की पार्किंग फीस 30 रुपये निर्धारित की गई है।
पर्यटन विकास निगम की होटल हाली डे होम के सामने चल रही पार्किंग में सैलानियों से जमकर लूट खसोट हो रही है। पर्यटन विकास निगम ने पार्किंग आउटसोर्स कर संचालन के लिए निजी हाथों में सौंप रखी है। पार्किंग का संचालन कर रहे ठेकेदार टूरिस्ट सीजन में सैलानियों से मनमानी वसूली कर रहे हैं।
दो घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करने के एवज में 200 रुपये मांगे जा रहे हैं, जबकि नगर निगम की पार्किंग में दो घंटे की पार्किंग फीस 30 रुपये निर्धारित की गई है। रविवार को चंडीगढ़ से सवारियां लेकर शिमला आए टैक्सी ड्राइवर सुरेंद्र कुमार ने गाड़ी टूरिज्म की पार्किंग में खड़ी की। टूरिस्ट घूमने मालरोड चले गए।
दो घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करने के एवज में पार्किंग संचालकों ने सुरेंद्र कुमार से 200 रुपये मांगे। चंडीगढ़ से परिवार सहित घूमने शिमला पहुंचे जरनैल सिंह ने बताया कि दो घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करने के एवज में उनसे 200 रुपये मांगे गए, लेकिन जब पर्ची मांगी तो पार्किंग वालों ने पर्ची भी नहीं दी।
एचपीटीडीसी के एजीएम बीआर चौहान ने कहा कि ओवर चार्जिंग को लेकर पार्किंग का संचालन कर रहे ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा। एक्ट के तहत ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।