हालांकि बीड़ से बड़ी संख्या में विदेशी पायलट रोजाना टेक ऑफ करके धर्मशाला की तरफ जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी भी पायलट की नजर इस लापता पायलट के पैराग्लाइडर पर नहीं पड़ी है। आम तौर पर हेलीकॉप्टर से पैराग्लाइडर नजर आ जाता है, लेकिन अब तक दोनों हेलीकॉप्टर पैराग्लाइडर का पता लगाने में नाकामयाब रहे हैं। दूसरी तरफ त्रियुंड की पहाड़ियों में फंसे रूस के पैराग्लाइडर पायलट को बुधवार सुबह हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रूस के पायलट को हेलीकॉप्टर ने देखा था और इसकी सुरक्षा के लिए बचाव दल के दो सदस्यों को मंगलवार देर शाम को स्पॉट पर उतारा गया। गौरतलब है कि प्रतियोगिता के चलते 300 के करीब विदेशी पायलट रोजाना सोलो उड़ानें भर रहे हैं। एसडीएम देवी चंद ठाकुर ने बताया कि पोलैंड के लापता पायलट की तलाश बुधवार को दो हेलीकॉप्टरों से की की गई, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।
बुधवार को ही एक अन्य पायलट चामुंडा की पहाड़ियों में संतुलन खो बैठा था, लेकिन समय रहते उसने रिजर्व खोल दिया और सुरक्षित लैंड कर गया। धर्मशाला के पूर्व विधायक विशाल नैहरिया ने हिमानी चामुंडा से आते समय इस पायलट को देखा तो उसे ढूंढने की कोशिश की। वहां गहरा नाला होने के कारण उसका पता नहीं चला। पूर्व विधायक ने उसकी सूचना प्रशासन को दी। एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रामोत्रा बताया कि जैसे की पायलट की सूचना मिली तो इसके बारे में बीड़ की पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन को बता दिया गया है और बचाव दल को भी भेज दिया है।