हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में 18 पोस्ट कोड के पेपर लीक हुए हैं। विजिलेंस की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आयोग की विश्वसनीयता और निष्ठा संदेह के घेरे में है। यह जनहित में नहीं होगा कि संस्थान वर्तमान स्थिति में काम करता रहे। विजिलेंस की ओर से इस मामले में जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की आशंका है। बता दें प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग का अस्तित्व खत्म हो गया है। राज्य सरकार ने इसे भंग कर दिया है। मंगलवार देर शाम को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
शिमला में पत्रकारों को यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हुईं अनियमितताओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को तत्काल प्रभाव से भंग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि तीन साल से पेपर लीक हो रहे थे। पेपर बिक रहे थे। पूरी जांच में पाया गया है कि इस मामले में निम्न से उच्च स्तर तक के अधिकारी शामिल थे। इस दृष्टि से यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है। पेपर लीक मामलों में जो भी शामिल हैं, उनके खिलाफ जांच चल रही है। कुछ को गिरफ्तार किया गया है।
कर्मचारी चयन आयोग किया सील, सुरक्षा कर्मी किए तैनात
कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने की अधिसूचना जारी होने के बाद आयोग के पूरे भवन को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही यहां पर सुरक्षा कर्मी की तैनात कर दी गई है। आयोग में सेवारत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार के आदेशों का पालन करने के लिए कह दिया है, ताकि बुधवार से कोई अधिकारी व कर्मचारी चयन आयोग में ड्यूटी पर न आए। उधर, एडीसी हमीरपुर एवं हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के ओएसडी जितेंद्र सांजटा ने कहा कि सरकार के आदेशों के तहत आयोग के गेट पर ताला लगा दिया गया है।