पांवटा-शिलाई-गुम्मा-रोहड़ू राष्ट्रीय राजमार्ग-707 (एनएच-72बी) डबल लेन होगा। वन विभाग से इसकी हरी झंडी मिल गई हैं। करीब 22.42 हेक्टेयर वन भूमि का एनएच प्राधिकरण को स्थानांतरण किया जाएगा। सड़क निर्माण में करीब 742 पेड़-पौधे कटेंगे। बेहतर सड़क बनने पर शिमला व सिरमौर जिला के बागवानों, खनन व्यवसायियों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलेगा। पिछले कई वर्षों से विचाराधीन एनएच सड़क को चौड़ी करने के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी नहीं मिल पाने से कार्य अधर में लटका हुआ था। वन विभाग व नेशनल हाईवे प्राधिकरण के संयुक्त प्रयासों से अब देहरादून से सैद्धांतिक मंजूरी मिल पाई है।
जिसमें करीब 22.42 हेक्टेयर वन भूमि का स्थानांतरण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को हो सकेगा। सड़क बनने से सबसे अधिक फायदा प्रदेश के जिला शिमला व सिरमौर जिला के ऊपरी क्षेत्रों को होगा। प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले बागवानी को बेहतर मार्ग मुहैया हो सकेगा। जिससे बागवान सेब व अन्य फलों समेत सब्जियों को शीघ्र व सुगमता से मंडियों तक पहुंचा सकेंगे। विशेषकर पर्यटन को भी इससे नए पंख लग सकेंगे। सिरमौर के खनन व्यवसाय और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उधर, डीएफओ पांवटा कुनाण अंग्रीश ने पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि एनएच-707 मार्ग चौड़ीकरण (डबल लेन) को देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। अब भूमि स्थानांतरण का कार्य आसान होगा।