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हिमाचल प्रदेश: मनरेगा के तहत अब पंचायतों के रास्ते होंगे पक्के, 2010 के बाद से बंद हो गया था काम

Sun, 14 Oct 2018 04:35 AM IST
दीपक मेहता, अमर उजाला, शिमला
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गांवों में रहने वाले प्रदेश भर के लाखों ग्रामवासियों के लिए राहत भरी खबर है। सूबे की पंचायतों में कच्चे रास्ते पक्के होंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत पंचायतों के लिए अब पक्के रास्ते बनाने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है। 

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केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत साल 2010 के बाद से पंचायत क्षेत्रों में कच्चे रास्तों को पक्का करने के कार्य बंद कर दिए थे। अब केंद्र ने सर्कुलर जारी किया है कि  मनरेगा में कच्चे रास्तों को पक्का किया जा सकेगा। अभी 14वें वित्त आयोग की वित्तीय मदद से पंचायतों के विभिन्न निर्माण कार्य किए जा रहे थे। इनके तहत गांवों की पक्की सड़कें भी तैयार की गई थीं। मनरेगा के तहत गांवों की सड़कें पक्की करने के काम नहीं किए जा सकते थे।

इससे राज्य की कई पंचायतों में कई कच्चे रास्ते सालों से पक्के नहीं हो पाए थे। केंद्र सरकार के सर्कुलर के जारी होने के बाद अब कच्चे रास्तों को पक्का करने का रास्ता साफ हो गया है। ये रास्ते पक्के होने के बाद से गांवों के लोगों को रात के समय परेशानी का सामना भी नहीं करना पड़ेगा। जिला शिमला परियोजना अधिकारी भुवन शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत कच्चे रास्ते पक्के करने का काम शामिल कर दिया है। इससे पंचायतों के रास्ते पक्के करने का कार्य गति पकड़ेगा।
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मनरेगा के तहत हो पाएंगे 260 कार्य
केंद्र सरकार ने मनरेगा कार्य में पुनर्गठन करने के बाद सूची में पंचायतों में विभिन्न प्रकार के करीब 260 कार्य शामिल किए गए हैं। सूची में कच्चे रास्तों को पक्का करने का काम भी शामिल कर दिया है।

ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त निदेशक जेएस नेगी ने कहा कि, 'मनरेगा के तहत रास्ते पक्के करने का काम शामिल करने के संबंध में केंद्र सरकार ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके बाद से मनरेगा के तहत पक्के रास्ते तैयार किए जा सकेंगे।'

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