ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि मनरेगा में दिहाड़ी न लगाने वाले बीपीएल परिवारों को बीपीएल सूची से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश को बीपीएल मुक्त करने के लिए ऐसे परिवारों को आजीविका मिशन से जोड़ा जाएगा। प्रदेश में कुल 3.80 लाख परिवार बीपीएल से जुड़े हैं।
आजीविका मिशन के साथ प्रथम चरण में 25 हजार परिवारों को जोड़ा जाएगा ताकि लोग कुशल हो सकें और स्वरोजगार प्राप्त कर बीपीएल से मुक्त हो सकें। एनआईटी हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के प्रशिक्षण के लिए सूबे में 45 करोड़ रुपये की लागत से सात कौशल विकास केंद्र खुलेंगे।
इनमें महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रदेश में स्थापित विभिन्न विश्वविद्यालयों की सहायता ली जाएगी। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बेचने के लिए बड़े शहरों में जिला स्तर पर केंद्र बनाए जाएंगे।
इसके साथ ही लावारिस गायों के लिए प्रदेश में गो अभयारण्य बनाने की योजना बनाई जा रही है। इन अभयारण्यों में पशुओं को निर्धारित समय तक रखा जाएगा और उनकी उच्च स्तरीय ब्रीडिंग की जाएगी। इसके साथ ही गायों से बछड़ी पैदा हो, ऐसी लैब भी स्थापित की जाएगी।