पाकिस्तान से सैकड़ों मील दूर हिमाचल के किन्नौर जिला के दूरदराज क्षेत्र में पाकिस्तानी गुब्बारे कैसे पंहुचे, इस घटना से अब तक पर्दा नहीं उठ पाया है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक मामले में कोई बड़ा खुलासा नहीं हुआ है।
उधर, दूसरी ओर पाकिस्तान अंकित वाले गुब्बारों से हवा तेजी से कम होती जा रही है। जिस दिन घटना पेश आई उस दिन गुब्बारों में अच्छी खासी हवा थी। गुब्बारे मिलने के मात्र 24 घंटे के भीतर ही उसके अंदर से अधिकतर हवा निकल चुकी है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि गुब्बारे पाकिस्तान के किसी समारोह से उड़ाए भी गए हों तो यह गुब्बारे सैकडों मील दूर कैसे पंहुचे। दूसरी ओर कहीं इन गुब्बारों को भारत के ही किसी क्षेत्र से तो नहीं छोड़ा गया है। किन्नौर जिला के जिस स्थान पर गुब्बारे मिले हैं।
उस क्षेत्र में किसी ने भी इन गुब्बारों को उड़ते हुए नहीं देखा। गांव के कुछ एक बच्चों ने गुब्बारों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर पेड़ पर लटके हुए पाया। बच्चों उन्हें आम गुब्बारा समझ कर गांव ले आए थे। जब किसी जानकार की नजर उन गुब्बारों पर पड़ी तो मामला सामने आया। पाकिस्तान लिखे गए इन गुब्बारों को लेकर किन्नौर में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है।