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Shimla News: कैनवस पर उकेरे चित्र 400 वर्षों तक रहते हैं संरक्षित

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गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में कला प्रदर्शनी कलाकारों ने बताई चित्रकारी की बारीकियां
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न्यानेश्वर राव की पेंटिंग के कायल हो रहे हैं लोग
भारती शर्मा
शिमला। कैनवस पर हाथों से उकेरे गए चित्रों की शेल्फ लाइफ अधिक होती है। इसके रंग और गुणवत्ता 300 से 400 वर्षों तक खराब नहीं होती। यह बात गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में आयोजित कला प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए हैदराबाद से पहुंचे वरिष्ठ चित्रकार पी न्यानेश्वर राव ने कही, वह 77 साल के हैं।

उन्होंने कहा कि एआई से बने चित्र कम समय तक संरक्षित रहते हैं क्योंकि इनका आर्टिफिशियल कैनवस पर प्रिंट होता है जो केवल 4 से 5 सालों तक ही टिक पाते हैं। इसके बाद इसके रंग फीके पड़ जाते हैं। 77 साल के पी न्यानेश्वर राव ने बताया कि वह 1977 से आयल पेंटिंग करते आ रहे हैं। पहले पिता फोटो के ऊपर वाटर कलर करते थे। इसके बाद उन्होंने अपने पिता और मुंबई में एक कलाकार से प्रेरित होकर फोटो पर आयल रंगों से अभ्यास करना शुरू कर दिया जिसका लोगों ने मजाक बनाया। इसके बाद उन्होंने मुंबई में वरिष्ठ चित्रकार एसआर बड़ाखेरे से लगातार 12 सालों तक कैनवस पर पेंटिंग करना सीखा। उन्होंने कहा कि चैतन्यपुरी हैदराबाद में वह अकादमी में 120 छात्रों को चित्रकारी करना सिखाते हैं। इस प्रदर्शनी में उन्होंने कैनवस पर फिगरेटिव ऑयल वर्क के चित्र प्रदर्शित किए हैं। इसमें मुख्य रूप से इंसान की तस्वीर, शरीर की मुद्रा, जानवर और रोजमर्रा के दृश्य दर्शाए हैं। इन चित्रों को ऑयल रंगों से बनाकर तैयार किया है।
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हैदराबाद से आए वरिष्ठ चित्रकार रामकृष्ण पेरी ने बताया कि वह प्रकृति पर ज्यादा काम करते हैं। वह सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। वह 300 से अधिक चित्र बना चुके हैं। शिमला में उनकी दूसरी प्रदर्शनी है, इसके अलाव गुजरात, दिल्ली, मुंबई, आंध्र प्रदेश सहित अन्य जगहों पर प्रदर्शनियां लगा चुके हैं। प्रदर्शनी के संचालक मंयक व्यास ने बताया कि यह प्रदर्शनी 18 अप्रैल तक चलेगी।
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12 राज्यों के 13 कलाकारों के चित्र प्रदर्शित
प्रदर्शनी में देशभर के 12 राज्यों के 13 कलाकारों की 75 से ज्यादा कलाकृतियां शामिल हैं। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले चित्रकारों में नोएडा से अल्का सिंह, नई दिल्ली से अल्फी कुमार, चंडीगढ़ से अंजू सिंह, कोलकाता से धीमान भट्टाचार्जी, बंगलूरू से हेमाक्षी शाह, इंदौर से निकिता बैस, सतारा से अमोल टी इंगवाले, कोट्टायम से साबुमन एमएस, बड़ौदा शालिनी पटेल, सोनीपत से सोनिका वार्ष्णेय, लुधियाना से वरुण खुराना शामिल हैं।
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