गोदामों में स्टॉक कम आने के चलते डिपुओं को कम हो रही आपूर्ति
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चालीस से अधिक राशन डिपो में वितरित होता है राशन संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के राशन डिपुओं में चीनी का संकट गहरा गया है। डिपो संचालकों ने गोदामों में मांग तो भेजी है, लेकिन वहां से स्पष्ट जवाब न आने के कारण इनमें असंतोष है।
राजधानी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित राशन डिपो में हजारों लोगों को महीनेभर राशन उपलब्ध करवाया जाता है लेकिन अब डिपुओं में चीनी का पर्याप्त कोटा उपलब्ध नहीं करवाया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यदि जल्द सप्लाई नहीं पहुंची तो शनिवार से कई डिपो में चीनी का वितरण पूरी तरह से बंद हो सकता है। शहर में 40 से अधिक राशन डिपो हैं। यहां हर महीने हजारों उपभोक्ता अपनी जरूरत का राशन खरीदते हैं। शहर के कई डिपो में शुक्रवार तक चीनी का आधा स्टॉक बचा था लेकिन यह कब तक चलेगा, इसको लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। डिपो संचालकों का कहना है कि यदि एक-दो दिन में सप्लाई नहीं आई तो उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ सकता है। राहत की बात यह है कि बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) और अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले कार्डधारकों को फिलहाल निर्धारित मात्रा में चीनी उपलब्ध करवाई जा रही है। हालांकि दावा किया जा रहा है कि 20 अप्रैल तक गोदामों में चीनी की नई खेप पहुंच जाएगी। ऐसे में स्टॉक उपलब्ध होने के बाद डिपो को पूरा कोटा जारी कर दिया जाएगा। सप्लाई कब तक सामान्य होगी इस पर अभी स्पष्ट स्थिति नहीं बन पाई है। कुछ डिपो में चीनी की एक बोरी ही बची है।
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आटा, चावल और दालें ही मिल रही
शहर के राशन डिपुओं में चीनी की कमी के अलावा सब्सिडी पर मिलने वाले आटे, चावल, दालों और नमक की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में मिल रही है। संचालक क्षमता के अनुसार इन्हें दे रहे हैं। चीनी के कोटे की कमी के कारण राशन डिपुओं में बैकलॉग की जगह एक महीने का चीनी कोटा ही दिया जा रहा है।
डिपुओं में पर्याप्त मात्रा में राशन
शहर के राशन डिपुओं में पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध है। प्रत्येक उपभोक्ता को डिपो में आने के दौरान पूरा राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसी भी उपभोक्ता को परेशानी पेश नहीं आने दी जा रही है। -नरेंद्र धीमान, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले