राजधानी में भवनों की छतों को लाल या हरे रंग से रंगने को लेकर सरकारी महकमे खुद ही गंभीर नहीं। मुख्य शहर में स्थित उपायुक्त दफ्तर, पुलिस अधीक्षक दफ्तर, विधायक सदन मैट्रोपोल, रिपन अस्पताल सहित कई अन्य सरकारी भवनों की छतें आज भी बदरंग हैं।
नगर निगम आम पब्लिक को तो हाईकोर्ट के आदेशों की आड़ में चेता रहा है लेकिन सरकारी विभागों के अफसरों पर इसका कोई असर नहीं। सरकारी भवनों की कई छतों पर काफी साल पहले रंग हुआ है।
ऐसे में यह रंग हल्का पड़ चुका है। छतों की हालत जर्जर हो गई है। कई सरकारी भवनों की छतों पर तो जंग तक लगा है। नगर निगम की चेतावनी के बाद आम पब्लिक ने तो अपने घरों की छतों को रंगने का काम शुरू कर दिया है लेकिन सरकारी विभाग इसको लेकर गंभीर नहीं।
मुख्य शहर के अलावा कसुम्पटी स्थित एसडीए कांप्लेक्स में कई विभागों के निदेशालयों की छतों पर भी कोई रंग नहीं है। यहां कहीं सरकारी महकमों की छतों से रंग गायब हो चुका है।