राष्ट्रपति भवन दिल्ली में 28 मार्च को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सिल्क की साड़ी पहन ललिता वकील सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री लेंगी। उनकी बेटी माला पटियाल और दामाद राकेश पटियाल भी मौजूद रहेंगे। यह उनका दूसरा सर्वोच्च पुरस्कार है। इससे पहले वर्ष 2018 में ललिता वकील को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार ने महिला दिवस पर हुए कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं।
चंबा शहर के चोंतड़ा मोहल्ला की ललिता वकील ने बताया कि वे कांगड़ा के गगल एयरपोर्ट को रवाना होंगे। विमान से दिल्ली पहुंचेंगे। अशोका होटल में उनके रहने की व्यवस्था की गई है। बताया कि वर्ष 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के हाथों मिले शिल्प गुरु अवार्ड के दौरान उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा चंबियाली ड्रेस (गोरखी दुपट्टा, धारीदार कुर्ता और पजामा, कानों में कर्णफूल, कुर्ते पर चांदी के बटन) पहनी थी।
उन्हें 1993 में राष्ट्रपति पुरस्कार तत्कालीन राष्ट्रपति शंकरदयाल शर्मा ने दिया था। 2012 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शिल्प गुरु सम्मान से सम्मानित किया था। यह सम्मान पाने वाली ललिता वकील इकलौती हिमाचली हस्तशिल्पी हैं। 2017 में महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से मेनका गांधी ने अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट अवार्ड से महिला गुरु के तौर पर दिया था।