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पच्छाद उपचुनाव: तिकोने मुकाबले से रोमांचक होगी सियासी जंग

Fri, 04 Oct 2019 12:54 PM IST
Krishan Singh संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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सांकेतिक तस्वीर
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भाजपा का टिकट न मिलने से खफा महिला नेता दयाल प्यारी के बगावती तेवरों से पच्छाद उपचुनाव की सियासी जंग रोमांचक हो गई है। भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर को तिकोना बनाने की वह जुगत रखती हैं। लिहाजा, दयाल प्यारी के चुनावी अखाड़े में बने रहने से जहां राजनीतिक समीकरण बिगड़ गए हैं वहीं, भाजपा की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सीएम जयराम ठाकुर से मुलाकात होने के बावजूद उसने अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया।

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आशीष सिकटा भले ही चुनाव मैदान से पीछे हट गए हैं। लेकिन, दयाल प्यारी के चुनाव मैदान में बने रहने से मुकाबला तिकोना होने के आसार प्रबल हो गए हैं। दयाल प्यारी ने तीन बार जिला परिषद के चुनावों में विजय हासिल की है। खास यह है कि वह तीनों बार अलग-अलग वार्ड से विजयी हुईं। पहली बार उन्होंने बाग-पशोग से चुनाव लड़ा था।

जबकि, दूसरी बार वह नारग से चुनाव लड़कर विजय हुईं। इसके बाद वर्तमान में वह पुन: बाग-पशोग से जिला परिषद की सदस्य हैं। इससे पहले वह जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उधर, कांग्रेस की ओर से अकेले जीआर मुसाफिर ही मैदान में हैं। दो बार हार का सामना करने वाले जीआर मुसाफिर के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। वहीं, सत्ता पर काबिज भाजपा की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। 

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असमंजस में सिकटा के समर्थक

- फोटो : अमर उजाला
नामांकन पत्र वापस लेने के बाद आशीष सिकटा के समर्थक असमंजस की स्थिति में है। सिकटा ने भाजपा में वापसी कर ली है। लेकिन, अब उनके समर्थकों की क्या रणनीति रहेगी, इसका खुलासा नहीं हुआ है। क्या वह भाजपा के लिए प्रचार करेंगे या नहीं। उनके दयाल प्यारी के साथ होने की अटकलें भी चल पड़ी हैं। वहीं, यह भी चर्चा है कि कुछ लोग कांग्रेस पार्टी का भी दामन थाम सकते हैं।

सीएम की सभा में आईं थीं सुर्खियां में 
दयाल प्यारी कुछ अरसे पहले सराहां में हुई मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनसभा के बाद सुर्खियों में आई थीं। उस दौरान विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी पर आरोप लगे थे कि उन्होंने जनसभा के दौरान मंच पर दयाल प्यारी को धक्का दे दिया। दयाल प्यारी ने इसकी बाकायदा पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई थी।

दयाल प्यारी को टेलीफोन मिला चुनाव चिन्ह
निर्वाचन आयोग ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी की रीना कश्यप को कमल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर को हाथ का चिन्ह मिला है। जबकि भाजपा से बगावत करने वाली दयाल प्यारी का चुनाव चिन्ह टेलीफोन होगा। पवन कुमार को गैस सिलिंडर तथा सुरेंद्र पाल को ट्रैक्टर चलाते किसान का चिन्ह प्रदान किया गया है।
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