नामांकन पत्र वापस लेने के बाद आशीष सिकटा के समर्थक असमंजस की स्थिति में है। सिकटा ने भाजपा में वापसी कर ली है। लेकिन, अब उनके समर्थकों की क्या रणनीति रहेगी, इसका खुलासा नहीं हुआ है। क्या वह भाजपा के लिए प्रचार करेंगे या नहीं। उनके दयाल प्यारी के साथ होने की अटकलें भी चल पड़ी हैं। वहीं, यह भी चर्चा है कि कुछ लोग कांग्रेस पार्टी का भी दामन थाम सकते हैं।
सीएम की सभा में आईं थीं सुर्खियां में
दयाल प्यारी कुछ अरसे पहले सराहां में हुई मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की जनसभा के बाद सुर्खियों में आई थीं। उस दौरान विपणन बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव भंडारी पर आरोप लगे थे कि उन्होंने जनसभा के दौरान मंच पर दयाल प्यारी को धक्का दे दिया। दयाल प्यारी ने इसकी बाकायदा पुलिस में भी शिकायत दर्ज करवाई थी।
दयाल प्यारी को टेलीफोन मिला चुनाव चिन्ह
निर्वाचन आयोग ने सभी उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी की रीना कश्यप को कमल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर को हाथ का चिन्ह मिला है। जबकि भाजपा से बगावत करने वाली दयाल प्यारी का चुनाव चिन्ह टेलीफोन होगा। पवन कुमार को गैस सिलिंडर तथा सुरेंद्र पाल को ट्रैक्टर चलाते किसान का चिन्ह प्रदान किया गया है।