नगर निगम शिमला जिस पर मेहरबान हो जाता है, उसकी किस्मत खुल जाती है। यही वजह है कि नगर निगम ने मैट्रोपाल पार्किंग के टेंडर की अवधि खत्म होने के बावजूद ठेकेदारों को दो महीने की ऐक्सटेंशन दे दी है। इनमें से एक ठेकेदार को तो नगर निगम फर्जी रसीदे इस्तेमाल करने पर जुर्माना भी लगा चुका है, बावजूद इसके ठेकेदार को दो महीने और पार्किंग के संचालन की छूट दे दी गई है।
नगर निगम की मैट्रोपोल पार्किंग की चौथी मंजिल के लिए नगर निगम ने 15 मई 2015 को टेंडर किए थे। एक साल की अवधि के लिए यह पार्किंग करीब 21 लाख की आरक्षित राशि में आवंटित की गई थी। मैट्रोपोल पार्किंग की पांचवीं मंजिल की पार्किंग भी 15 मई 2015 को एक साल की अवधि के लिए 25 लाख में आवंटित की गई थी।
दोनों ही पार्किंगों की अवधि इस साल बीते 15 मई को पूरी हो चुकी है। कायदे से नगर निगम को 15 मई से पहले ही पार्किंगों के नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जानी चाहिए थी लेकिन नगर निगम ने पुराने ठेकेदारों को ही दो और महीनों के लिए ऐक्सटेंशन दे दी।
हैरत की बात यह है कि इन पार्किंगों में से एक को नगर निगम फर्जी रसीदें इस्तेमाल करने पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी कर चुका है। सवाल उठ रहा है कि जिन ठेकेदारों को डिफल्टर घोषित कर देना चाहिए नगर निगम अपनी पार्किंग संचालन के लिए उन्हें के हवाले कर दी है।
नई पालिसी तैयार करने में लग गया वक्त
शहर के लोगों के हित में नगर निगम ने पार्किंगों को लेकर नई पालिसी बनाई है। पालिसी तैयार करने में अधिक समय लगने के कारण तय समय पर टेंडर नहीं हो पाए। हमारे पास पार्किंग संचालन के लिए मेन पावर नहीं है इसलिए मौजूदा ठेकेदारों को ही ऐक्सटेंशन दे दी गई। जल्द ही नए सिरे से पार्किंगों के टेंडर कर दिए जाएंगे। -प्रशांत सरकैक, सहायक आयुक्त, नगर निगम शिमला
मैट्रोपोल पार्किंगों की क्षमता
टॉप फ्लोर 80
चौथी मंजिल 60
पांचवीं मंजिल 60
रेट बोर्ड में शिकायत नंबर भी नहीं
हैरत की बात है कि नगर निगम अपने बनाए नियमों का ही मैट्रोपोल पार्किंग में पालन नहीं करवा पा रहा है। टेंडर से पहले नगर निगम की ओर से निकाली जाने वाली सार्वजनिक सूचना में साफ लिखा गया है कि ठेकेदारों को पार्किंग के गेट पर बड़े आकार के रेट बोर्ड लगाने होंगे।
साथ ही इन रेट बोर्डों पर शिकायत के लिए निगम अधिकारियों के नंबर भी लिखने होंगे। बावजूद इसके न तो पार्किंग गेट पर बड़े बोर्ड लगे हैं और न ही शिकायत नंबर अंकित किए गए हैं।