मानसून सत्र के बारहवें दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पहले प्रश्न में ही भाजपा विधायकों ने हंगामा कर दिया। भाजपा विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार सदन से जानकारी छिपाने की कोशिश कर रही है। विधायक आशीष ने जो सवाल पूछा था, उन्हें उसका जवाब आरटीआई से मिल गया लेकिन सदन में सरकार जवाब नहीं दे रही है। आशीष ने इस संबंध में आरटीआई का जवाब सदन के पटल पर भी रखा। इस आधार पर विपक्ष ने अनुपूरक सवाल करने की मांग रखी। अनुमति नहीं मिलने पर भाजपा विधायक हंगामा करते हुए सदन से बाहर चले गए।
आशीष ने सवाल पूछा गया था कि 1 जून 2024 से 10 जुलाई 2024 तक देहरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत महिला मंडलों को कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक ने कितनी धनराशि जारी की और कितने महिला मंडलों को कितनी धनराशि जारी हुई। सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि सूचना एकत्रित की जा रही है। इस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है कि सवाल कार्यसूची में सूचीबद्ध है, लेकिन उसे अचानक हटा दिया गया। बीते रोज भी आश्वासन दिया गया था। अब फिर से कहा गया है कि जानकारी अभी भी एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना ही है कि आशीष शर्मा ने आरटीआई के तहत सूचना लेने के बाद जानकारी प्रदान की है, लेकिन राज्य सरकार अभी भी जानकारी एकत्र कर रही है। जयराम ने कहा कि यह पहली बार है कि सरकार से प्रश्न पूछने वाला विधायक प्रश्न की जानकारी प्रदान कर रहा है।
ऐसे में उन्हें अनुपूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी जानी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने बताया है कि जानकारी एकत्रित की जा रही है, इसलिए नियमों के तहत उन्होंने प्रश्न स्थगित किया था। अनुपूरक प्रश्न पूछना किसी सदस्य का मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन अगर अध्यक्ष को लगता है तो वह अनुमति दे सकते हैं या मना कर सकते हैं। कुलदीप पठानिया ने कहा कि यदि भाजपा सदस्य अभी भी संतुष्ट नहीं हैं, तो वह नियम-61 के तहत यह मुद्दा उठा सकते हैं। हा कि आज सत्र का अंतिम दिन है, इसलिए सभी को सौहार्दपूर्वक सदन से विदा लेनी चाहिए।