मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव स्थगित नहीं होंगे। नालागढ़ से कांग्रेस विधायक हरदीप सिंह बाबा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने सदन में यह जानकारी दी। विधायक ने कहा था कि पंचायत स्तर पर सड़कों और स्कूलों को भारी नुकसान हुआ है। कई पोलिंग बूथ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस साल के अंत में चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में क्या सरकार पंचायत चुनाव को स्थगित करने का विचार रखती है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार का कोई विचार नहीं है। उधर, मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अनुपस्थिति में विधायक के मूल सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया से संबंधित कोई भी आपत्तियां / सुझाव आमंत्रित नहीं किए गए हैं। ग्राम सभा क्षेत्रों को पुनर्गठित करने के लिए प्राप्त प्रस्तावना पर संबंधित ग्राम सभा सदस्यों से आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे। उपायुक्तों को इस बारे में विचार करने के बाद अंतिम सिफारिश प्रस्तुत करने के लिए प्राधिकृत किया गया था।
नगर परिषद ज्वालामुखी को जल्द ट्रांसफर होगी आठ कनाल भूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर परिषद ज्वालामुखी के तहत अगर पंचायत की आठ कनाल भूमि आती होगी तो उसे जल्द ट्रांसफर किया जाएगा। ऐसा करने में सरकार को कोई परेशानी नहीं है। एनओसी लेकर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विधायक संजय रतन ने प्रश्नकाल के दौरान मामला उठाया कि नगर निकाय बनने के बाद भी पंचायतों की संपत्ति अभी तक हस्तांतरित नहीं हुई है। ज्वालामुखी के सौंदर्यीकरण वाला मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट भी इस कारण पूरा नहीं हो रहा है। जवाब में शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि नए नगर निकायों में पंचायतों की संपत्ति को प्राथमिकता के आधार पर ट्रांसफर किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग से इस बाबत बात की जाएगी। ज्वालामुखी धार्मिक नगरी है। इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
जल्द निपटाए जताएंगे गैर मौरुसी मामलों के लंबित 120 इंतकाल : रोहित
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अनुपस्थिति में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि 20 फरवरी तक प्रदेश में गैर मौरुसी से संबंधित कुल 200 इंतकाल स्वीकार किए जा चुके हैं। औपचारिकताएं पूरी नहीं होने पर 11 मामले अस्वीकार किए गए। 120 मामले अभी लंबित है। इन्हें जल्द निपटाया जाएगा। विधायक सुदर्शन बबलू के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि गैर मौरुसी मामलों में संबंधित लाभार्थी की ओर से आवेदन करने के बाद प्रदेश मुजारियत एवं भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 104 के प्रावधानों के अनुसार औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए गुण एवं दोष के आधार विचार व निर्णय लिया जाता है।
दूसरे राज्य की सामान्य वर्ग महिला को हिमाचल में नहीं मिलेगा ओबीसी दर्जा
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बाहरी राज्यों से विवाह कर आने वाली महिलाओं को जाति प्रमाणपत्र उनके मायके के रिकॉर्ड के आधार पर जारी किया जाता है। यदि किसी महिला का मायका ऐसे राज्य में है, जहां उसकी जाति सामान्य वर्ग में अधिसूचित है और उसका विवाह हिमाचल प्रदेश में ओबीसी परिवार में हुआ है तो उन्हें ओबीसी का लाभ प्रदान नहीं किया जा सकता। विधायक विवेक शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि ऐसी महिलाओं को प्रदेश में ओबीसी मान्यता न देने का कारण है कि जाति जन्म से मानी जाती है। जाति प्रमाणपत्र उस राज्य जहां प्रार्थी का जन्म हुआ है, में अधिसूचित जातियों के आधार पर दिया जाता है। इस बारे भारत सरकार एवं हिमाचल प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देश भी स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मामलों का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
नगर निकायों में दस वर्षों से नहीं खर्चे 500 करोड़ : विक्रमादित्य
शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि प्रदेश के नगर निकायों में बीते दस वित्त वर्षों के दौरान करीब 500 करोड़ रुपये की राशि को खर्च नहीं किया गया है। विभाग ने सारा रिकॉर्ड एकत्र कर लिया है। कई कारणों से यह काम शुरू नहीं हो सके। सरकार अब जल्द ही इन कार्यों को पूरा करवाएगी। विधायक अजय सोलंकी के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग की ओर से चलाए गए कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं। नाहन नगर परिषद के मामले के बारे में व्यक्तिगत तौर पर जानकारी जुटाई जाएगी। क्षेत्र में लावारिस कुत्तों के टीकाकरण का कार्य चल रहा है। सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए 120 कर्मी भी नियुक्त हैं।
आर्थिक कारणों से बंद किया सरकाघाट में निगम कार्यालय : शांडिल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि एससी-एसटी विकास निगम की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। इस कारण निगम के निदेशक मंडल की मई में हुई बैठक में सरकाघाट स्थित निगम कार्यालय को बंद करने का फैसला लिया गया। हालात ठीक होने पर कार्यालय दोबारा खोलने पर विचार किया जाएगा। विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि कार्यालय बंद होने के चलते लोगों को मंडी जाना पड़ रहा है। दो लोगों का स्टाफ नियुक्त करते हुए ही यहां कार्यालय को खोला जाए।
शिक्षा खंडों में दूरी के हिसाब से पुनः व्यवस्थित होंगे स्कूल : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि शिक्षा खंडों में दूरी के हिसाब से स्कूलों को पुनः व्यवस्थित किया जाएगा। विधायक हरदीप सिंह बावा ने सवाल किया था कि बद्दी में नया शिक्षा खंड बना है। यहां नालागढ़ के कई स्कूल शामिल किए गए हैं। कम दूरी के हिसाब से यह स्कूल नालागढ़ के तहत शामिल किए जाने चाहिए।
ब्लाॅक ऑफिस धर्मपुर का काम ठेकेदार से वापस लेने पर होगा विचार
विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने प्रश्नकाल के दौरान ब्लॉक आफिस धर्मपुर का निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से चलने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि ठेकेदार के पास बहुत अधिक काम हैं, ऐसे में वह इस कार्यालय पर ध्यान नहीं दे रहा है। जवाब में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ठेकेदार से काम वापस लेने पर विचार किया जाएगा। 342 लाख रुपये निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत किए गए हैं। 2020 में इसका टेंडर अवार्ड हुआ था। कोरोना के चलते काम ठप रहा। अब कार्य पूरा होने की स्थिति अंतिम चरण में है।
दस लाख रुपये से कम लागत वाले कार्यों में रॉयल्टी ही देनी होगी : हर्षवर्धन
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि दस लाख रुपये से कम लागत वाले निर्माण कार्यों के लिए वैध ट्रांजिट पास फॉर्म डब्ल्यू या एक्स जमा नहीं करना होगा। रॉयल्टी ही देनी होगी। कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है। प्रस्ताव विधि विभाग के पास भेजा गया है। जल्द इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि नवंबर 2023 में हाईकोर्ट के निर्देश थे कि ठेकेदार/वेंडर को अदायगी तभी की जाएगी, यदि वह वैध ट्रांजिट पास फॉर्म डब्ल्यू या एक्स प्रस्तुत करेगा। पास उस व्यक्ति द्वारा ही जारी किया जा सकता है, जिसके नाम खनन पट्टा हो। यह खनन अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होता है। विधायक विवेक शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा अपने अधीन किए जाने वाले निर्माण कार्यों के लिए क्रय की जाने वाली निर्माण सामग्री की लागत अनेकों कारकों पर निर्भर करती है। ग्राम पंचायत से क्रशर की उपलब्धता या दूरी, ग्राम पंचायत की भौगोलिक स्थिति तथा स्थानीय क्षेत्र में निर्माण सामग्री की उपलब्धता इत्यादि। हर ग्राम पंचायत की स्थिति भिन्न है। ऐसे में यह निश्चित करना कठिन है कि क्रशर की सामग्री अपेक्षाकृत महंगी पडती है।
कॉलेजों में सहायक प्रवक्ताओं के 587 पद रिक्त
शिक्षा मंत्री ने बताया कि कॉलेजों में सहायक प्रवक्ताओं के 587 पद रिक्त हैं। 134 कॉलेजों में सहायक प्रवक्ताओं के 2813 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2194 पद भरे हुए हैं। विधायक त्रिलोक जम्वाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि रिक्त पद भरने का मामला सरकार के विचाराधीन है। विभिन्न विषयों के पदों के युक्तिकरण, पदों के सृजन, नये विषयों को शुरू करने के लिए पदोें के प्रतिस्थापन का विषय भी विचाराधीन है। इस पर फैसला लेते हुए रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।