कोरोना से बचाव के लिए प्रदेश सरकार को वित्तीय सहयोग नहीं करने के इच्छुक शिक्षकों-गैर शिक्षकों को इस संदर्भ में संबंधित डीडीओ को जानकारी देने को कहा गया है। शुक्रवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने पत्र जारी कर मुख्यमंत्री राहत कोष में निदेशालय की ओर से एक दिन का वेतन देने से पहले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की राय पूछी गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने ऐसे शिक्षकों और गैर शिक्षकों को भी अपनी सहमति देने को कहा है जो दो दिन का वेतन इस संकट की घड़ी में सरकार को देना चाहते हैं।
शिक्षकों और गैर शिक्षकों को अपील जारी करते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने कहा है कि देश और प्रदेश आज के समय में एक वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने सभी लोगों से कोरोना से निपटने के लिए जारी अभियान में वित्तीय सहयोग देने की अपील की है। ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला लिया है। अगर कोई शिक्षक या गैर शिक्षक एक दिन का वेतन नहीं देना चाहता है तो उसे दो दिन के भीतर अपने डीडीओ को इस बाबत सूचित करना होगा।
ऐसे शिक्षक और गैर शिक्षक भी डीडीओ से संपर्क करें जो एक दिन की जगह दो दिन का वेतन देना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अगर वेतन नहीं देने की कोई जानकारी नहीं देता है तो माना जाएगा कि सभी एक दिन का वेतन देने के फैसले से सहमत हैं। इस परिस्थिति में उच्च शिक्षा निदेशालय से संबंधित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काट कर मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करवा दिया जाएगा। निदेशक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए सरकार को वित्तीय सहयोग देने की अपील भी की है।