शिमला। घर पर शादी और बीमार बच्चे को अस्पताल में दिखाने के लिए भी छुट्टी न मिलने से आहत एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो के परिचालकों ने वर्क टू रूल के तहत दिन में 8 घंटे ही ड्यूटी करने का एलान कर दिया है। परिचालक यूनियन ने इसे लेकर निगम प्रबंधक को 10 दिन का लिखित नोटिस भी दे दिया है।
बीते तीन माह से एचआरटीसी शिमला लोकल डिपो में परिचालकों की कमी चल रही है। एक महीने से रोजाना 15 से 20 रूट फेल हो रहे हैं। परिचालकों से ओवरटाइम लिया जा रहा है, लेकिन उसके एवज में भुगतान नहीं हो रहा। बीते 35 महीनों से परिचालकों को नाइट और ओवरटाइम भत्ते का भुगतान लंबित है। परिचालक यूनियन अपनी मांगों को लेकर निगम के प्रबंध निदेशक से मिल चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस है।
परिचालक यूनियन के अध्यक्ष प्रीत मोहिंदर और कोषाध्यक्ष वेद प्रकाश का कहना है कि छुट्टियां न मिलने से परिचालक तनाव में हैं। प्रबंधन को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद समस्या हल नहीं हो रही है। प्रबंधन को 10 दिन का नोटिस दिया है। अगर हालात नहीं सुधरे तो वर्क टू रूल के तहत दिन में 8 घंटे ही काम करेंगे। उधर, लोकल डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए मुख्यालय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। एक दो दिन में कोई रास्ता निकाल लिया जाएगा।
40 कंडक्टर हुए ट्रांसफर, 15 ने किया ज्वाइन
बीते साल विधानसभा चुनाव से पहले अक्तूबर और नवंबर माह में शिमला लोकल डिपो से करीब 40 कंडक्टर अन्य डिपो के लिए ट्रांसफर कर दिए गए थे। इनके स्थान पर करीब 15 कंडक्टरों ने ही लोकल डिपो में ज्वाइन किया। अन्य ने अपनी एडजस्टमेंट करवा ली। तब से लेकर डिपो में कंडक्टरों की कमी चल रही है।
वर्क टू रूल हुआ तो स्कूल बसों के संचालन पर संकट
लोकल डिपो के कंडक्टर अगर वर्क टू रूल पर चले जाते हैं तो शहर में स्कूल बसों का संचालन मुश्किल हो सकता है। एचआरटीसी का शिमला लोकल डिपो करीब 50 स्कूल बसों का संचालन करता है। सुबह और शाम के समय शहर के स्कूली बच्चों के लिए यह बसें चलती हैं।