शिक्षा की बुनियादी पाठशाला स्कूल होती है और शीर्ष संस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय। लेकिन उल्टी नजीर पेश कर रहे हिमाचल में सात साल पहले खुले केंद्रीय विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूल जैसी सुविधाओं और माहौल में हो रही है।
कायदे से सेंट्रल यूनिवर्सिटी (सीयू) में ही मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज भी समाहित किए जाने थे। लेकिन भाजपा और कांग्रेस की सियासी खींचतान के चलते यहां केंद्रीय विवि दो कैंपसों में अलग-अलग स्थानों पर चलाया जा रहा है।
आधी अधूरी सुविधाओं में विद्यार्थी गुणवत्तापरक शिक्षा से वंचित हैं। भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सियासी रोटियां सेंकने के लिए सीयू को धरातल पर उतारने के बजाय केवल मुद्दा ही बनाए रखा। नतीजतन घोषणा के दस और खुलने के सात साल बाद भी सीयू का स्थायी परिसर नहीं बन पाया है।
मार्च 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने साइट सिलेक्शन कमेटी को हिमाचल भेजा। प्रदेश की तत्कालीन भाजपा सरकार ने कमेटी को देहरा में 970 एकड़ (70 फीसदी) एवं धर्मशाला में 200 एकड़ जमीन (30 फीसदी) दिखाई।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने चिह्नित भूमि को अप्रूव कर मुख्यालय धर्मशाला में बनाने को हरी झंडी दे दी। देहरा और धर्मशाला में स्थायी परिसर के प्रस्ताव दिए गए।
जमीन का मामला पर्यावरण मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा गया। दिल्ली में यूपीए सरकार के शासनकाल में प्रस्ताव लटक गया। प्रदेश में वर्ष 2012 में कांग्रेस सत्ता में आई और यूपीए सरकार को फिर से साइट सिलेक्शन कमेटी भेजने को लिखा।
भाजपा के प्रस्ताव बदलकर कांग्रेस सरकार ने धर्मशाला के इंद्रूनाग में 70 तथा देहरा में 30 फीसदी जमीन चिह्नित की। मंजूरी एक साल तक नहीं मिल पाई। इसी बीच वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार आ गई।
केंद्र से साइट सेलेक्शन कमेटी को फिर हिमाचल भेजा गया जिसने धर्मशाला की इंद्रूनाग की जमीन को रिजेक्ट कर दिया। इस पर वीरभद्र सरकार ने कहा कि सीयू के लिए सारी जमीन जदरांगल में दी जाएगी, देहरा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
नई जमीन के लिए तीसरी साइट सिलेक्शन कमेटी बनी और नॉर्थ कैंपस धर्मशाला व साउथ कैंपस देहरा का सुझाव आया। केंद्र में जदरांगल की जमीन की फाइल फिर लटक गई। इसी बीच देहरा में सीयू के नाम 1 हजार कनाल जमीन हो गई।
प्रदेश सरकार ने जदरांगल में करीब 24 हेक्टेयर जमीन केंद्रीय विवि के नाम कर दी कर बीएड कालेज धर्मशाला के भवन को सीयू को कक्षाएं चलाने को दे दिया।