डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (टांडा)
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (टांडा) में हृदय शल्य चिकित्सा केंद्र स्थापित किया गया है। यह केंद्र 25 सितंबर से कार्यशील हो जाएगा। इसके तहत टांडा मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी शुरू की जाएगी। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने दी है।
उन्होंने कहा कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशिएलिटी चम्याणा शिमला के विशेषज्ञों का दल इसमें सहयोग करेगा। टांडा मेडिकल कॉलेज में हृदय शल्य चिकित्सा केंद्र स्थापित होने से प्रदेश के निचले क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
हिमाचल सरकारी क्षेत्र में ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा देने वाले देश के चुनिंदा राज्यों में शामिल है। वर्ष 2005 में इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय शिमला ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा उपलब्ध करवाने वाला पहला संस्थान बना। उस समय पूरी उत्तर भारत में सरकारी क्षेत्र में ओपन हार्ट सर्जरी की सुविधा केवल मात्र पीजीआई चंडीगढ़ और शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस श्रीनगर में ही उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में प्रतिमाह 20 से 25 ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है। अब तक आईजीएमसी में चार हजार से अधिक रोगियों की ओपन हार्ट सर्जरी की जा चुकी है।
खंड स्तर के अस्पतालों में 6 विशेषज्ञ की तैनाती
प्रदेश सरकार खंड स्तर पर लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन स्वास्थ्य संस्थानों में 6 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्त रोबोटिक सर्जरी सहित अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।