केले, आम सहित अन्य फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड, एलड्रीन, करिमपोन का पानी में घोल बनाया जाता है। इसमें आम सहित केले और अन्य फलों को डाला जाता है। इसके बाद फल कुछ ही घंटों में पक जाते है।
जबकि रातों रात अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में कई किसान सब्जियों को औक्सीटोसीन इंजेक्शन लगाते है। इससे रातों रात सब्जियों का आकार बढ़ जाता है। इस इंजेक्शन का प्रयोग खीरा, लौकी, करेला, बैंगन, कद्दू आदि सब्जियों के लिए प्रयोग में लाया जाता है। जबकि टमाटर को पकाने के लिए एजीएथ्री का प्रयोग होता है।
कैंसर तक की चपेट में आ सकते हैं लोग- सफदरजंग अस्पताल के सामुदायिक मेडिसिन विभाग के निदेशक और एचओडी प्रोफेसर डॉक्टर जुगल किशोर के मुताबिक वयस्कों में ऐसे फल और सब्जियों के सेवन से तंत्रिका तंत्र बाधित करने के साथ हार्मोन भी प्रभावित करता है। वहीं एलर्जी, उच्च रक्तचाप, अवसाद, बांझपन, अस्थमा के साथ कैंसर जैसी घातक बीमारियों को भी उतपन्न कर सकता है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के रिक्त पद कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से भरे जाएंगे। विभाग समय-समय पर खाद्य वस्तुओं की जांच करता है। - मनोज तोमर, निदेशक, खाद्य सुरक्षा हिमाचल प्रदेश