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सेवा विस्तार में डीए मिलेगा, इन्क्रीमेंट नहीं

Wed, 28 May 2014 11:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल सरकार ने अपने कर्मचारियों को एक साल का सेवा विस्तार देने की नई स्कीम की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी। वित्त विभाग ने इसके लिए फंडामेंटल रूल्स 56(2) में संशोधन किया है। इसके तहत 58 साल का सेवाकाल पूरा करने वाले सभी सरकारी कर्मचारियों को एक साल का सशर्त सेवाविस्तार दिया जाएगा।
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पढ़ें, सेवा विस्तार के फेर में उलझ गए कर्मचारी
ये विकल्प कर्मचारी को खुद चुनना होगा। जो ये विकल्प नहीं चुनेगा, उसे सेवा विस्तार नहीं मिलेगा। विकल्प भी 58 साल की अवधि पूरी होने के 6 महीने पहले देना होगा। हालांकि, इस महीने 31 मई को रिटायर होने वाले कर्मचारी भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इन्हें इसके लिए तुरंत आवेदन करना होगा।

नए नियमों के अनुसार सेवा विस्तार की अवधि के एक साल में कर्मचारी को वही वेतन मिलेगा, जो 58 साल पूरा होने के अंतिम महीने में उसे मिला था। इस अवधि में कर्मचारी को हालांकि देय महंगाई भत्ता (डीए) मिलेगा, लेकिन इन्क्रीमेंट नहीं मिलेगा।
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कर्मचारियों से भरवाए जाने वाले विकल्प पत्र में ये अंडरटेकिंग ली जा रही है कि वे सेवा विस्तार की अवधि में अंतिम माह का वेतन ही लेंगे। जाहिर है ये फैसला वित्तीय बोझ टालने के लिए लिया जा रहा है। इस अवधि में यदि अगला पद खाली हो तो कर्मचारी को प्रमोशन के लिए कंसीडर किया जाएगा।

कर्मचारी को 58 साल पूरा होने पर मिलने वाले सेवानिवृत्ति लाभ ही मिलेंगे, लेकिन ये दिए जाएंगे 59 साल की सेवा पूरी करने के बाद। अधिसूचना में एक शर्त ये भी है कि सेवा विस्तार सरकार की संतुष्टि पर निर्भर करेगा। ये संतुष्टि कैसे तय होगी? ये अधिसूचना में स्पष्ट नहीं किया गया है।

सेवा विस्तार के लिए इन्हें करें आवेदन
सेवा विस्तार के इच्छुक कर्मचारियों को परफोर्मा (विकल्प पत्र) भरकर अपने दफ्तर के मुखिया या विभाग के मुखिया या फिर संबंधित डीडीओ को देना होगा। प्राधिकृत अफसर इस विकल्प प्रपत्र को स्वीकार कर कोषागार को भेजेगा। इससे संबंधित कर्मचारी को एक वर्ष का सेवाकाल मान्य हो जाएगा। एक बार आवेदन देने के बाद इसे वापस नहीं लिया जा सकेगा। हालांकि सरकार चाहे तो सेवा विस्तार बीच में ही समाप्त कर सकती है।

ये आपत्तियां थीं विधि विभाग को
कैबिनेट के फैसले के बाद विधि विभाग को भेजी गई इस स्कीम पर विधि विभाग को काफी आपत्तियां थीं। लॉ ने साढे़ चार पेज के कमेंट्स इस पर दिए हैं, जिसमें 11 प्वाइंट हैं। इसमें इन्क्रीमेंट या एसीपीएस का लाभ न देने और दूसरी ओर प्रमोशन के लिए विचार करने के प्रावधानों को विरोधाभासी माना गया। ये प्रावधान एफआर रूल्स के अनुरूप भी नहीं हैं। एक साल के पेंशन लाभों का ब्याज मिलेगा या नहीं? ये भी इसमें साफ नहीं है।
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