केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम की ओर से बजट में घोषित 1200
करोड़ के आर्थिक पैकेज में से हिमाचल को महज 100 करोड़ रुपये मिले हैं। शेष
राशि उत्तराखंड और 7 उत्तर-पूर्व के राज्यों में बंट गई।
मुश्किल
आर्थिक हालात से जूझ रहे हिमाचल के लिए ये धनराशि ऊंट के मुंह में जीरे की
तरह है। हिमाचल को वित्त वर्ष 2013-14 के लिए ही ये धन विशेष योजना मदद
(एसपीए) के रूप में मिला है।
17 फरवरी को संसद में अंतरिम बजट पेश
करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने हिमाचल, उत्तराखंड के अलावा
असम, अरुणाचल, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा और मिजोरम के लिए 1200
करोड़ रुपये का पैकेज घोषित किया। इसे अतिरिक्त केंद्रीय मदद का नाम दिया
गया।
हिमाचल को उम्मीद थी कि इसमें से 400 से 500 करोड़ शायद मिल
जाए, लेकिन केवल 100 करोड़ ही हिस्से आए हैं। हालांकि, केंद्रीय वित्त
मंत्री ने माना था कि इन राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय मदद की जरूरत है। ये
धनराशि पिछले साल के योजना बजट के रूप में ही हिमाचल को अतिरिक्त मिली है।
तंगहाली से गुजर रही प्रदेश सरकार
इधर,
राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति की हालत ये है कि नए वित्त वर्ष 2014-15 के
पहले दो महीने लोन लेकर निकले हैं। पहले महीने अप्रैल में सरकार ने 550
करोड़ का लोन लिया तो दूसरे महीने मई में 200 करोड़ और ऋण उठाया।
इससे
साफ है कि वेतन-पेंशन आदि के सामान्य खर्चे निपटाने के लिए अब लोन से
गुजारा करना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार से मिलने वाले आर्थिक पैकेज
का ही सहारा था, लेकिन इसमें भी निराशा हाथ लगी है।