फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों की आंखों पर पड़ रही भारी, अभिभावक डॉक्टर को फोन कर ले रहे सलाह

Thu, 21 May 2020 12:06 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

मोबाइल फोन पर ऑनलाइन शिक्षा अब स्कूली बच्चों की आंखों पर भारी पड़ने लगी है। लगातार घंटों मोबाइल फोन पर क्लास अटेंड करने से विद्यार्थियों की अब नजरें कमजोर होने लग पड़ी हैं। बच्चों की आंखों पर अधिक दबाव पड़ने से अभिभावक परेशान हैं। आईजीएमसी के नेत्र रोग विभाग में फोन कर अभिभावक इस बारे में सलाह ले रहे हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना कई ऐसे कॉल उन्हें आ रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते स्कूल बंद हैं।

विज्ञापन


निजी स्कूल के छात्र व छात्राओं की कक्षाएं सुबह से दोपहर तक चलती हैं, लेकिन समस्या यह है कि इस दौरान उन्हें ब्रेक तक की फुर्सत नहीं मिलती। फोन पर छोटे-छोटे शब्द होने से आंखों पर प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षक भी अपना सिलेबस जल्द निपटाने की होड़ में हैं। चिकित्सकों का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षण को लेकर सही गाइडलाइन न होने से यह सब हो रहा है। घंटों मोबाइल फोन पर सिलेबस पूरा करने का दबाव और मोबाइल से निकलती रेडिएशन बच्चों की आंखें कमजोर कर रही हैं। 

विज्ञापन

20 मिनट का सेशन करें निर्धारित

आईजीएमसी के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएल शर्मा का कहना है कि शिक्षक सेशन को 20 मिनट का निर्धारित करें, जिससे  ऑनलाइन शिक्षण के दौरान छात्रों की आंखों को थोड़ी देर के लिए आराम मिल सके। 

6 मीटर की दूरी से नहीं होता नुकसान
चिकित्सकों का कहना है कि मोबाइल फोन नजदीक होता है। अगर टीवी के माध्यम से लर्निंग दी जाए तो यह भी बेहतर विकल्प हो सकता है। बच्चे और टीवी के बीच की दूरी 3 मीटर की होती है, जबकि स्कूल में यह दूरी ब्लैकबोर्ड से 6 मीटर तक हो जाती है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें