मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह ने सुनाया फैसला
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2.45 लाख रुपये जुर्माना भी करना होगा अदा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला अदालत ने चेक बाउंस मामले में तहसील करसोग के अश्विनी कुमार को दोषी करार देते हुए एक साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 2.45 लाख रुपये मुआवजा देना होगा।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह सिहाग की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी ने कृषि ऋण समझौते के तहत 2 लाख का ऋण लिया था जिसे वह ब्याज सहित चुकाने में असमर्थ हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने 20 सितंबर 2021 में मैसर्ज गोल्फ लिंक फाइनेंस एंड रिजॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड से 2 लाख रुपये ऋण लिया था। लेकिन भुगतान करने में विफल रहा। 20 अक्तूबर 2022 को शिकायतकर्ता को एक बैंक का 1,80,500 का चेक जारी किया लेकिन बैंक खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपी को कानूनी नोटिस भी जारी किया। 17 दिसंबर 2022 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था। न्यायालय में केस के दौरान दोनों पक्षों की ओर दलीलें दी गई और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते यह फैसला सुनाया है।