मामले की पैरवी करने वाले उप जिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने बताया कि सात अक्तूबर 2013 को तत्कालीन एसडीएम नालागढ़ यूनुस खान की अगुवाई में सरसा नदी पुल के पास सैणी माजरा में अवैध खनन पर उड़नदस्ते की कार्रवाई चल रही थी। आरोपी मक्खन सिंह निवासी ढांग निहली, तहसील नालागढ़ ने ट्रैक्टर बड़ी तेजी से एसडीएम की कार के बिल्कुल करीब से गुजारते हुए निकला।
दोषी ने ट्रैक्टर की ट्राली को लिफ्ट कर सामग्री सड़क पर बिखेर दी और ट्राली पलट गई। इस दौरान तत्कालीन एसडीएम की गाड़ी भी पीछे आ रही थी जो हादसे में बाल-बाल बची। मामला काफी सुर्खियों में रहा। पहले धारा 307 भी लगाई गई थी, लेकिन पुलिस जांच के बाद इसे हटा दिया गया। पुलिस ने मामले का अदालत में चालान पेश किया और अदालत ने दोषी करार दिया।