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57 लाख की ठगी मामले में इंजीनियर गिरफ्तार

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One person arrested in 57 lacs fraud case
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शिमला। नौकरी का झांसा देकर शिमला में लाखों रुपये की ठगी करने वाले इंजीनियर को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पहचान राकेश शर्मा (57) निवासी इंदौर मध्यप्रदेश के तौर पर हुई है। बुधवार को अदालत में पेश करने के बाद आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपी ने फर्जी कंपनी बनाकर शिमला में कारोबारी सहित सात युवाओं से 57 लाख रुपये बतौर सिक्योरिटी राशि और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगे थे। शातिर 2018 में काम के सिलसिले से शिमला आया था। यहां पर स्मार्ट सिटी के एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए टेंडर भरा लेकिन नहीं मिला। इसके बाद छोटा शिमला में जगदीश प्रसाद को झांसे में लेकर आरोपी ने खुद को केंद्र सरकार में बतौर चीफ इंजीनियर बताकर कंपनी कार्यालय खोला और एक दर्जन युवाओं को नौकरी पर रख लिया।
आरोपी ने इसके बाद मकान मालिक को ठेकेदारी का काम दिलावाने का प्रलोभन दिया। इसके साथ उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने की पेशकश की। आश्वासन दिया कि सरकारी नौकरी मिलेगी। इस तरह से शातिर ने महेंद्र सिंह के बेटे से 9 लाख, कृष्ण कुमार, मनोज, काशी, बलवान, अनुराग और संदीप के बेटे से सिक्योरिटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर एडवांस में 7-7 लाख लिए। इस दौरान शातिर सभी युवाओं को ट्रेनिंग के तौर पर आठ हजार रुपये प्रतिमाह दो महीने तक देते रहा।
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मार्च 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद आरोपी समेत कार्यालय में काम कर रहे सभी युवा अलग-अलग हो गए। एक साल बाद लॉकडाउन खुला लेकिन आरोपी का नंबर बंद रहा। आरोपी ने संजय रावत से 1 लाख 44 हजार रुपये किराये पर गाड़ी और जगदीश प्रसाद से 5 लाख 17 हजार मकान किराये के भी नहीं दिए थे। डीएसपी हेडक्वार्टर कमल किशोर वर्मा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है।
इस्तेमाल कर रहा था जाली सिम
पुलिस की जांच के मुताबिक आरोपी दो नंबर चला रहा था। इसके नाम दोनों सिम कार्ड नहीं थे। इसने दोनों सिम कार्ड डुप्लीकेट जाली दस्तावेजों से बना रखे थे। आरोपी ने पहले तो बीटेक युवाओं को ट्रेनिंग के लिए अपने पास रखा और सात-सात हजार रुपये लेकर नामी कंपनी तथा सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इस बीच शातिर ने ट्रेनिंग के तौर पर सभी सात युवाओं को 8-8 हजार रुपये प्रतिमाह दिए। इसके अलावा कार्यालय में भी शिमला की युवतियों समेत चार लोगों को 12 हजार प्रतिमाह देता रहा।
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