बाद में परीक्षा परिणाम में वह अंग्रेजी विषय में अनुपस्थित पाई गई। वहीं अन्य पेपरों में वह अच्छे नंबरों से पास हुई। जिस कारण छात्रा का एक वर्ष बर्बाद हो गया। हालांकि बाद में अंग्रेजी विषय का पेपर भी छात्रा ने उत्तीर्ण कर लिया।
जिस पर जिला उपभोक्ता फोरम कुल्लू ने उक्त निजी स्कूल व स्कूल प्रधानाचार्य को संयुक्त तौर पर या अलग-अलग शैक्षणिक सत्र 2015-16 का 49 हजार रुपये नौ प्रतिशत के साथ चुकता करे।
इसी के साथ एक लाख प्रताड़ना के लिए हर्जाना और दस हजार रुपये मुकदमे का खर्चा चुकता करें। इधर, स्कूल प्रबंधन का तर्क है कि छात्रा की 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी नहीं हो पाई थी। जिस पर रोल नंबर रोका गया था। अब राज्य उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया जाएगा।