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जेबीटी के 700 पद भरने को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला

Tue, 17 Apr 2018 12:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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जेबीटी के 700 पदों पर भर्ती किस प्रक्रिया से होगी। इसको लेकर मंगलवार को बड़ा फैसला हो सकता है। हाईकोर्ट में जेबीटी भर्ती मामले की सुनवाई होगी। मार्च में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टेट मेरिट से भर्ती को मंजूरी देने से इंकार करते हुए रोक लगा दी थी।

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कोर्ट ने सरकार को नए नियमों से भर्ती करने की स्वतंत्रता दी है, लेकिन शिक्षा विभाग पुराने नियमों से ही भर्ती को मंजूरी देने की मांग कर रहा है। मंगलवार को सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होने के आसार हैं। सरकार ने साल 2012 में जेबीटी के पद भरने को टेट की मेरिट को आधार बनाया था।

कुछ अभ्यर्थियों ने इस प्रावधान को यह कह कर चुनौती दी थी कि टेट केवल अध्यापक होने की आधारभूत योग्यता को दर्शाता है न कि यह नौकरी के लिए किसी प्रतियोगी परीक्षा में मेरिट को।
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सरकार ने टेट मेरिट के आधार पर हो रही भर्ती प्रक्रिया को जारी तो रखा, लेकिन चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो सके। ट्रिब्यूनल ने 30 अगस्त, 2017 को इस नियम को खारिज कर दिया और 700 चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला लटक गया।

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प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी के सैकड़ों पद रिक्त

सरकार ने ट्रिब्यूनल में पुनर्विचार याचिका दायर कर 11 जनवरी, 2018 को टेट मेरिट पर आधारित पुरानी भर्ती प्रक्रिया जारी रखने की इजाजत ली। अभ्यर्थी राकेश कुमार ने ट्रिब्यूनल के इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी और 23 फरवरी को हाईकोर्ट ने जेबीटी के स्वीकृत 700 पदों को टेट मेरिट से भरने पर रोक लगा दी।

मार्च में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टेट मेरिट से भर्ती को मंजूरी देने से इंकार कर दिया। सरकार ने दलील दी कि नए सिरे से जेबीटी के पद भरने की प्रक्रिया शुरू की जाती है तो कम से कम 6 महीने के अतिरिक्त समय की जरूरत होगी। पुराने नियमों में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। केवल नियुक्ति पत्र जारी करना शेष है।

प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी के सैकड़ों पद रिक्त हैं। शिक्षा विभाग के लिए इन पदों के लिए रखा गया बजट भी लैप्स होने जा रहा है। कोर्ट ने सरकार की दलीलें सुनने के बाद जेबीटी से जुड़ी याचिकाओं को सुनवाई के लिए स्वीकारते हुए इन मामलों को 17 अप्रैल को सुने जाने के आदेश पारित किए।
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