तारादेवी के पास एक सड़क हादसे में ऊर्जा निदेशालय में कार्यरत सहायक अधिशाषी अभियंता राजेश वर्मा की मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी रजनी (38) और दो बेटियां श्रौया (11) और श्रेया (9) घायल हो गए। इन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी अस्पताल लाया गया है।
इनकी हालत खतरे से बाहर है। राजेश वर्मा ठियोग के बलावग के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, हादसा देर रात करीब एक बजे हुआ। राजेश वर्मा अपनी कार में चंडीगढ़ से शिमला की ओर सपरिवार आ रहे थे। तारादेवी के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर ट्रक से टकरा गई।
ऊर्जा निदेशालय में कार्यरत थे
घायलों को आईजीएमसी अस्पताल पहुंचाया गया। डाक्टरों ने राजेश वर्मा को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक चालक के बयान पर थाना बालूगंज में मुकदमा कायम कर दिया है।
राजेश वर्मा ने 11 नवंबर 2002 से राज्य विद्युत बोर्ड में कनिष्ठ अभियंता (विद्युत) पद से अपनी सेवाएं शुरू की थीं। इसके बाद राज्य विद्युत बोर्ड में विभिन्न पदों पर रहकर बोर्ड की सेवा की।
मौजूदा समय में यह ऊर्जा निदेशालय, हिमाचल प्रदेश सरकार में सहायक अधिशाषी अभियंता (विद्युत) के पद पर कार्यरत थे।
बेटियों की हालत खतरे से बाहर
वहीं राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी ने उनके निधन पर दुख प्रकट करते हुए भगवान से दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करने और इनके परिवार को इस सदमे को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में अधिकारियों ने शोक सभा कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और दो मिनट का मौन रखा।
उधर हिमाचल प्रदेश इंजीनियर एसोसिएशन और राज्य विद्युत बोर्ड इंप्लाइज यूनियन ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने कहा कि हादसे में राजेश वर्मा की मौत हुई है और इनकी पत्नी व बेटियों की हालत खतरे से बाहर है। एएसपी संदीप धवल ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।