बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान ने बताया कि योजना का मुख्य लक्ष्य बिजली वितरण क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता, परिचालन दक्षता, वितरण बुनियादी ढांचे, नीति और संरचना में सुधार करना है।
हिमाचल प्रदेश में 5784 करोड़ से बिजली वितरण का ढांचा मजबूत होगा। बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में भारत सरकार की जुलाई 2021 में शुरू पुनरुत्थान वितरण क्षेत्र योजना के एक्शन प्लान और डीपीआर को मंजूरी दी गई। इसके तहत पुराने फीडर, ट्रांसफार्मर और बिजली मीटर बदले जाएंगे। बुनियादी ढांचे की मजबूती, नवीनीकरण और वृद्धि पर यह राशि खर्च की जाएगी। वर्ष 2025-26 तक योजना पूरी की जाएगी। बिजली बोर्ड को 3600 करोड़ का अनुदान मिलेगा।
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बिजली बोर्ड के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा आरडी धीमान ने बताया कि योजना का मुख्य लक्ष्य बिजली वितरण क्षेत्र में वित्तीय स्थिरता, परिचालन दक्षता, वितरण बुनियादी ढांचे, नीति और संरचना में सुधार करना है। योजना में मौजूदा फीडर, वितरण ट्रांसफार्मर और उपभोक्ता मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने के लिए 2224 करोड़ खर्चे जाएंगे। राज्य में बिजली वितरण के बुनियादी ढांचे की मजबूती और नवीनीकरण के लिए 3559 करोड़ खर्च होंगे। योजना की समाप्ति 31 मार्च 2026 को होगी। योजना के तहत अनुदान की राशि भारत सरकार की ओर से तय 26 मानकों की प्रगति पर निर्भर करेगी।
इन कार्यों पर खर्च किया जाएगा बजट
करीब 28 लाख मीटर स्मार्ट मीटरों से बदले जाएंगे। 5653 किमी एचटी, 4483 किमी एलटी लाइन बिछाई जाएगी। 6369 वितरण ट्रांसफार्मर, 6905 किमी एलटी लाइनों का पुनरावर्तन और संवर्धन किया जाएगा। 704 किमी कंडक्टर लाइन को केबल लाइन में बदला जाएगा। 5373 वितरण ट्रांसफार्मरों का संवर्धन किया जाएगा। 55 नए 33/22/11 केवी उप स्टेशनों, 598 किलोमीटर नई 66/33 केवी एचटी लाइन, 5896 किमी 66/33 केवी और कम वोल्टेज की लाइनों का नवीनीकरण होगा। 33/11 केवी के 93 पावर उप स्टेशनों का संवर्धन होगा। प्रदेश के 54 कस्बों में पर्यवेक्षी नियंत्रण और डाटा अधिग्रहण से संबंधित गतिविधियों का प्रावधान किया जाएगा।
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बोर्ड का वाणिज्यिक-तकनीकी नुकसान होगा कम
योजना के तहत बिजली बोर्ड के वर्तमान वार्षिक तकनीकी और वाणिज्यिक नुकसान को वित्तीय वर्ष 2025 तक दस फीसदी से कम किया जाएगा। योजना का कार्यान्वयन बिजली बोर्ड को आर्थिक तौर से सुदृढ़ और परिचालन को कुशल बनाने व नुकसान को कम करने में समक्ष करेगा। राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को 24 घंटे सातों दिन निर्बाध बिजली आपूर्ति होगी।