हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला सोलन के कसौली में एक संपत्ति पर हो रहे कथित अवैध निर्माण और चीड़ के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने 26 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान एसडीएम कसौली के ढीले रवैये पर सख्त नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि 28 सितंबर को आदेश पारित होने के बावजूद 16 अक्तूबर 2026 तक मौके का निरीक्षण नहीं किया गया और न ही संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर रखा गया। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि तहसीलदार कसौली, रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर परवाणू और खंड विकास अधिकारी धर्मपुर से बार-बार रिपोर्ट मांगकर मामले में अनावश्यक देरी की गई, जबकि निर्माण करने वाले व्यक्ति से सीधे अनुमतियों का सत्यापन किया जा सकता था।