आईजीएमसी में नर्सिंग एसोसिएशन दोफाड़ हो गई है। बीते एक सप्ताह से चुनाव की मांग कर रहे गुट ने जनरल हाउस बुलाया। सर्वसम्मति से पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर नई कार्यकारिणी सदस्यों के नाम का ऐलान कर दिया गया।
यह जनरल हाउस मौजूदा अध्यक्ष और महासचिव की गैर मौजूदगी में हुआ। हालांकि, नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का दावा है कि सभी सदस्यों को आमंत्रित किया गया था लेकिन हाउस में मुंह की न खानी पड़े, इसलिए बहाना बनाकर खिसक लिए।
नई कार्यकारिणी बनने के बाद आईजीएमसी में नर्सों के बीच गहमागहमी बढ़ गई है। दोनों एक दूसरे पर नर्सों के हितों के स्थान पर अपने निजी हित साधने का संगीन आरोप लगा रहे हैं। आईजीएमसी के परीक्षा भवन में सोमवार दोपहर डेढ़ बजे नर्सिंग पर्सनल की आपात बैठक हुई।
इसमें पिछली कार्यकारिणी को भंग करने की घोषणा कर दी गई। नर्सिंग सिस्टर कांता शाह, मीना सेन, प्रोमिला बरवाल, ऊषा चौहान, अनीता ठाकुर, स्वतंत्र ठाकुर, बेबू भारती, रमा चंदेल, साबू देवी, मीना शर्मा, कांता, सुनीता गर्ग, शर्मिला ठाकुर, इंद्रा नरवा, सरस्वती पठानिया की अध्यक्षता में बैठक हुई।
ये बनी नई कार्यकारिणी
नई कार्यकारिणी ने दावा किया कि बैठक में आई नर्सों ने माया सूर्यवंशी को अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गायत्री रांटा, उपाध्यक्ष शीतल श्रीवास्तवा और सुषमा नेगी, महासचिव ममता भारद्वाज और मोनिका ठाकुर, संयुक्त सचिव मीरा पंडित और अंजना कुमारी, प्रेस सचिव नरेंद्रा शर्मा, कल्पना और इंदुबाला।
वित्त सचिव पूर्ण ठाकुर, पुष्षा शुक्ला और नीलम, आयोजन समिति में राज जमाल्टा, सीमा वर्मा और ललिता नेगी को लिया गया है। सलाहकार के तौर पर चंद्रकांता, कांता श्याम, प्रोमिला भरवाल और रीटा राठौर को रखा गया है। कार्यकारिणी के चुनाव के बाद अस्पताल में चर्चा हो रही हैं।
दो साल से कर रहे थे चुनाव की मांग : भारद्वाज
नई कार्यकारिणी की महासचिव ममता भारद्वाज ने कहा कि दो साल से चुनाव की मांग करते आ रहे हैं लेकिन न कोई बैठक हुई और न ही इन्होंने कोई हाउस बुलाया। लिहाजा, सभी नर्सिज ने एकजुट होकर हाउस बुलाया और कार्यकारिणी का गठन किया।
एसोसिएशन को नहीं देंगी मान्यता : वालिया
प्रदेश नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष ज्योति वालिया ने कहा कि अगर चुनाव करने थे तो एसोसिएशन को विश्वास में लेकर हाउस को बुलाया जाता। इस कथित चुनाव को नर्सिंग एसोसिएशन मान्यता नहीं देगी। आईजीएमसी यूनिट में हाउस बुलाने के बाद नर्सों को विश्वास में लेकर चुनाव किए जाएंगे।