पीडि़त परिजनों ने डीसी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मृतक बच्चों के नाम से लिखा पत्र भी भेजा है। पत्र में बच्चों के हवाले से कहा है - हम सिर्फ देख रहे हैं और हमारे परिजन झेल रहे हैं। जिस उम्र में हमने जिंदगी के सबक सीखने थे, उस उम्र में मौत हमें अपना पाठ पढ़ाकर साथ ले गई। सर! हम में से कुछ बच्चे तो ऐसे थे, जो 9 अप्रैल 2018 को पहली बार स्कूल गए थे। सर! आपको आज तक जीवित लोगों के ही पत्र मिले होंगे, शायद यह पहला मौका होगा जब आपको मृत बच्चों की ओर से पत्र मिलेगा।
न्यायिक जांच पर आपत्ति
पीडि़त परिजनों ने कहा कि हादसे के बाद करवाई गई न्यायिक जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। जहां हादसा हुआ, वहां सड़क खराब है। डंगा ढह चुका है, लेकिन उसे पुन: नहीं लगाया गया है। सड़क खराब होने के बारे में लोक निर्माण विभाग को तीन बार अवगत करवाया गया, लेकिन दशा नहीं सुधारी गई। परिजनों का कहना है कि हादसे के कारणों में जो भी दोषी हो, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।