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नूरपुर हादसा: जांच रिपोर्ट पर परिजनों ने उठाए सवाल, 5 दिन का अल्टीमेटम दिया

Sat, 19 May 2018 01:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
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नूरपुर बस हादसे में अपने बच्चों को खोने वाले परिजनों ने कहा कि जयराम सरकार उनको मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है। मृतक बच्चों के परिजन एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल से धर्मशाला में मिले। परिजनों ने एसपी को अपनी जांच रिपोर्ट देते हुए कहा कि एडीएम की जांच रिपोर्ट से वे असंतुष्ट हैं।

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परिजनों ने अपनी जांच रिपोर्ट के वीडियो, फोटो और कुछ दस्तावेज सौंपे। परिजनों ने आरोप लगाया कि बस हादसे में जिम्मेदार हर विभाग को बचाने की कोशिश की जा रही है। नूरपुर पुलिस उल्टा हमसे पूछ रही है कि जांच कैसे करनी है।

परिजनों ने अपनी जांच की रिपोर्ट में ट्रांसपोर्ट, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की खामियां निकालीं। खुआड़ा गांव के मृतक बच्चों के परिजनों अजय सिंह, विक्रम सिंह, नरेश सिंह, सुरजीत सिंह, मनोज, ज्ञानी और दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक के बेटे दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर उनके दिए गए तथ्यों पर 5 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो आगे वे कोई भी गंभीर कदम उठा सकते हैं। उन्होंने स्कूल बस दुर्घटना की सारी जिम्मेदारी चालक पर थोपने को गलत करार दिया।

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तीन माह में कैसे गिर गया डंगा

नूरपुर हादसे के पीड़ित परिजनों ने लोक निर्माण विभाग पर सवालिया निशान उठाते हुए कहा कि जिस स्थान पर स्कूल बस गिरी थी, वहां पर लगाया गया डंगा आखिर 3 माह में ही कैसे गिर गया। इसकी जांच कर डंगा लगाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

हादसे वाले स्थल की खराब स्थिति ठीक करने के लिए स्थानीय लोगों ने पीडब्ल्यूडी को पहले ही पत्र लिखा था। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर पहले कार्रवाई होती तो हादसा ही नहीं होता। अब सड़क को दुरुस्त करने और डंगे लगाने का क्या फायदा। 

प्रबंधन को कैसे दे दी क्लीन चिट
परिजनों ने कहा कि सरकार ने स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट कैसे दे दी। स्थानीय पंचायत प्रधान ने चालाकी से स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट देकर स्कूल खुलवाया। फिर हमारे विरोध के बाद स्कूल बंद हुआ।
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बस के दस्तावेजों की सीबीआई जांच हो

स्कूल प्रबंधन की बस 2013 मॉडल की नहीं थी। इसकी चेसी बदली गई है। यह बस पहले निजी रूट पर चलती थी। इसके बाद यह बस किसी को बेची गई। इसके बाद यह बस स्कूल प्रबंधन ने खरीदी। नई बस के कमानी और पट्टे चार साल में ही कैसे बदले जा सकते हैं। स्कूल बस कंडम थी।

स्कूल बस बहुत पुरानी थी और स्कूल प्रबंधन इसे नया बता रहा है। एक बार स्कूल में बस को स्टार्ट करते समय बस में आग लग गई थी, जिसका जिक्र जांच में कहीं भी नहीं है। बस के दस्तावेजों की सीबीआई से जांच करवाई जाए।

एसपी करवाएंगे एनआईटी एक्टपर्ट से जांच- एसपी संतोष पटियाल ने परिजनों से कहा कि सड़क के किनारे 3 महीने में गिरने वाले डंगे की जांच एनआईटी के इंजीनियर से करवाई जाएगी। इस संदर्भ में एसपी ने एनआईटी प्रबंधन को तुरंत पत्र लिखने के आदेश जारी किए।

एसपी ने बस की तकनीकी जांच दोबारा से फोरेंसिक एक्सपर्ट से करवाने के भी आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि अगर नूरपुर थाने के कर्मचारियों ने जांच में ढील बरती है तो उनके खिलाफ भी जांच की जाएगी।
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