प्रदेश सरकार अब हर भवन मालिक से गृहकर वसूलेगी। जल्द ही शहरी निकायों में भवनों की जीआईएस मैपिंग शुरू हो जाएगी। सरकार का मानना है कि शहरी निकायों में हर तरह की मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं, लेकिन लोग गृहकर नहीं दे रहे। वर्तमान में करीब 20 शहरी निकाय क्षेत्रों में ही भवन मालिकों से गृहकर वसूला जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों में धड़ाधड़ भवनों का निर्माण हो रहा है। इन लोगों के लिए बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधा शहरी विकास विभाग दे रहा है। इसकी एवज में शहरी विकास विभाग को कुछ नहीं मिल रहा। शहरों में अब तक कितने भवनों का निर्माण हो चुका है, विभाग के पास इसका आंकड़ा तक नहीं है। पांच साल पहले जिन लोगों से टैक्स लिया जाता था, आज भी उन्हीं लोगों से टैक्स लिया जा रहा है।
क्या है जीआईएस मैपिंग
जियोग्राफिक इन्फोरमेशन सिस्टम (जीआईएस) के माध्यम से जमीन पर उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मिलती है। इसमें सेटेलाइट के माध्यम से कंप्यूटर में डाटा स्टोर किया जा सकता है। भवनों का मानचित्र भी तैयार होगा। इसी तरह शहरी निकाय क्षेत्रों में बने भवनों की गणना की जाएगी।