कॉलेजों में पढ़ा चुके प्रवक्ताओं को दोबारा से कॉलेजों में नियुक्त किया जाएगा। कॉलेजों में रिक्त चल रहे लेक्चरर के पदों के चलते पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने सेवानिवृत्त प्रवक्ताओं की कॉलेजों में सेवाएं लेने का फैसला लिया है।
रिक्त पदों के अलावा लंबे समय से छुट्टी पर गए प्रवक्ताओं की जगह भी इन्हीं की सेवाएं ली जाएंगी। बुधवार को राजधानी शिमला में हुई ‘उच्च शिक्षा के समक्ष चुनौतियां’ विषय पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्र्रधान सचिव शिक्षा आरडी धीमान ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जल्द ही इस संदर्भ में अधिसूचना जारी की जाएगी। बैठक के दौरान कॉलेज प्रिंसिपलों ने प्रवक्ताओं के रिक्त पद होने का मामला उठाया। प्रिंसिपलों ने बताया कि कई विषयों के लेक्चरर नहीं होने के चलते पढ़ाई के अलावा परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है।
इसका समाधान निकाला जाना चाहिए। इस पर प्रधान सचिव शिक्षा ने बताया कि सेवानिवृत्त प्रवक्ताओं की सेवाएं लेने का सरकार ने फैसला लिया है। नए खोले जाने वाले कॉलेजों में सेवानिवृत्त प्रवक्ताओं की सेवाएं लेने का प्रावधान है लेकिन, पुराने कॉलेजों में भी अब इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
प्रिंसिपलों ने विवि प्रशासन को सुनाई खरी खरी
च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लेकर कॉलेज प्रिंसिपलों ने बैठक के दौरान प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को जमकर खरी खोटी सुनाई। प्रिंसिपलों ने कहा सब्जेक्ट कंबीनेशन सही तरीके से नहीं बनाने के चलते स्टूडेंट्स और अभिभावक परेशान हैं। डिग्री कैसे दी जानी है, इसे लेकर कॉलेज स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विश्वविद्यालय की बैठकों में होने वाले फैसलों की अधिसूचना देरी से जारी होती है।
मीटिंग में प्रिंसिपलों की ओर से कॉलेजों में पेश आ रही विभिन्न समस्याओं को उठाया गया। कई मांगों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। उधर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने बताया कि 500 नए पद भरने की प्रक्रिया जारी है। इन पदों को जल्द भर दिया जाएगा। 200 और नए पद भरने की योजना बनाई जा रही है। इन सभी पदों को भरे जाने से कॉलेजों में प्रवक्ताओं की कमी दूर होगी।
लोक निर्माण विभाग के काम पर उठाए सवाल
शिमला। प्रदेश में कॉलेजों के भवन बनाने का जिम्मा देख रहे लोक निर्माण विभाग पर भी प्रिंसिपलों का गुस्सा फूटा। प्रिंसिपलों ने कहा कि विभाग का काम गुणवत्ता युक्त नहीं है। भवन निर्माण में विभागीय अधिकारी मनमर्जी करते हैं। तय समय पर काम पूरा नहीं किया जाता। प्रिंसिपलों ने एकमत होकर लोक निर्माण विभाग से भवन निर्माण का जिम्मा वापस लेकर किसी अन्य एजेंसी को देने की मांग की।
चार कॉलेजाें की रोकी गई रूसा ग्रांट
शिमला। रूसा ग्रांट के तहत किए गए कार्यों का समय से यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट नहीं देने पर प्रदेश के चार डिग्री कॉलेजों ढलियारा, ऊना, रामपुर और जोगिंद्रनगर की अगली ग्रांट को रोक दिया गया है। बैठक में बताया कि इन कॉलेजों ने ग्रांट के तहत मिली धनराशि के प्रयोग की पूरी जानकारी नहीं दी है। बैठक में बताया कि इस शैक्षणिक सत्र से दस नए कॉलेजों रामशहर, चौपाल, डैहर, तेलका, भलेई, हरोली, मटौर, देहरा, मुल्थान और जंदौर में भी कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी।