दसवीं और जमा दो कक्षा में दस फीसदी से कम परीक्षा परिणाम देने वाले सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों की इंक्रीमेंट रोकी जाएगी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से एक हफ्ते के भीतर दोनों बोर्ड कक्षाओं के परीक्षा परिणाम का पूरा ब्योरा तलब कर लिया है।
नौ बिंदुओं को लेकर बोर्ड से जानकारी मांगी गई है। इस ब्यौरे के आधार पर 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले स्कूलों की समीक्षा की जाएगी। शून्य परिणाम देने वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड कक्षाओं में बेहतर नतीजे नहीं देने वाले शिक्षकों पर दबाव बनाने का दौर फिर शुरू हो गया है। बीते साल भी शिक्षा विभाग ने खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों को सस्पेंड करने, इंक्रीमेंट रोकने और तबादले करने की चेतावनियां दी गईं थी। लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया था।
दरअसल राज्य में शिक्षकों का सबसे बड़ा कैडर है। ऐसे में सरकार शिक्षकों पर हाथ डालने का दम नहीं भर पाती। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस साल सरकार बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले सरकारी शिक्षकों पर कोई कार्रवाई कर पाती है या बीते साल की तरह कार्रवाई करने के सभी दावे सिर्फ कोरे ही साबित होंगे।