इस रबी मौसम में सरकार की ओर से टमाटर, आलू, लहसुन और शिमला मिर्च की फसल को भी मौसम आधारित फसल बीमा योजना में शामिल किया गया है। यह जानकारी कृषि निदेशक डा. रमेश चंद ने दी।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत एक जनवरी 2017 से 30 अप्रैल 2017 तक पैदा होने वाली आलू, एक मार्च 2017 से 31 जुलाई 2017 तक पैदा होने वाली टमाटर एवं शिमला मिर्च और 15 दिसंबर 2016 से 30 अप्रैल 2017 तक पैदा होने वाली लहसुन की फसल को मौसम आधारित फसल बीमा आवरण दिया जाएगा।
योजना का संचालन जिलावार विभिन्न बीमा कंपनियों की ओर से किया जाएगा और सभी जिलों में संदर्भ मौसम स्टेशन स्थापित किए गए हैं। डा. रमेश चंद ने बताया कि चालू खरीफ में ऋणी और गैर ऋणी किसानों के लिए टमाटर और शिमला मिर्च की फसल के लिए बीमा करवाने की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2017 निर्धारित की गई है।
आलू की फसल के लिए ऋणी तथा गैर ऋणी किसानों के लिए बीमा करवाने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2016 निर्धारित की गई है। लहसुन के लिए ऋ णी और गैर ऋणी किसानों के लिए बीमा करवाने की अंतिम तिथि भी 14 दिसंबर 2016 तय की गई है। ऋणी किसानों के लिए यह योजना अनिवार्य है। गैर ऋ णी किसानों के लिए यह योजना स्वैच्छिक है।
इस योजना की अधिसूचना 26 अक्तूबर 2016 को जारी कर दी गई है। डा. रमेश चंद ने बताया कि मौसम आधारित फसल बीमा योजना का उद्देश्य विभिन्न मौसम घटकों जैसे पाला, वर्षा, कम, अधिक तापमान आदि के प्रतिकूल घटनाक्रमों के प्रभावों से फसल पैदावार को संभावित हानि के परिणामस्वरूप किसान को होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई करना है।
लहसुन के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि के हिसाब से
लहसुन के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि के अनुसार कुल्लू और सिरमौर जिला के सभी खंडों में 35.10 और 21.09 प्रतिशत रखी गई है। टमाटर के लिए सोलन जिला के सभी खंडों को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रीमियम की दर 10.54 प्रतिशत रखी गई है।
आलू के लिए कांगड़ा जिला के भवारना, धर्मशाला, नगरोटा और कांगड़ा खंडों को शामिल किया गया है। इसके लिए प्रीमियम की दर 8.94 प्रतिशत रखी गई है। शिमला मिर्च के लिए सोलन के धर्मपुर को शामिल किया गया है।
इसके लिए प्रीमियम की दर 10.54 प्रतिशत रखी गई है। सरकार ने किसानों के लिए प्रीमियम की दर बीमित राशि पर अधिकतम 5 प्रतिशत रखी है। इसके बाद जो अंतर आएगा, उसमें प्रीमियम राज्य एवं केंद्र सरकार 50:50 के अनुपात में वहन करेगी।
40 हजार से 75 हजार रुपये तक का होगा बीमा
टमाटर के लिए बीमा राशि एक लाख रुपये, आलू के लिए 62,500 रुपये, लहसुन के लिए 75,000 रुपये और शिमला मिर्च के लिए 40,000 रुपये प्रति हेक्टेयर निर्धारित की गई है। फसलों को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति करने के लिए अपनी फसलों का बीमा करवाएं।
इसके लिए वे अपने नजदीक की प्राथमिक कृषि सहकारी सभाओं, सहकारी बैंकों, ग्रामीण बैंकों और वाणिज्यिक बैंकों से संपर्क करें। संबंधित कंपनी की ओर से नुकसान के प्रतिपूर्ति दावे बीमा अवधि खत्म होने के 45 दिन के अंदर सुनिश्चित किए जाएंगे।